
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : May 25, 2024 10:26 AM IST
Brain-Eating Amoeba: केरल के मल्लपुरम जिले में पांच वर्षीय बच्ची की एक दुर्लभ मस्तिष्क संक्रमण 'अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस' (Amoebic Meningoencephalitis) की वजह से मौत हो गई। बता दें कि दूषित पानी में पाए जाने वाले अमीबा की वजह से यह दुर्लभ मस्तिष्क संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों ने इस संक्रमण के बारे में विस्तार से समझाया है। उन्होंने बताया कि मेनिंगोएन्सेफलाइटिस संक्रमण तब होता है जब अमीबा दूषित पानी यानी की गंदे पानी से नाक के जरिए शरीर में दाखिल होता है।
केरल की पांच वर्षीय लड़की इस दुर्लभ संक्रमण से उस वक्त ग्रसित हुई होगी, जब वह एक मई को पास के तालाब में नहाने गई थी। इसके बाद 10 मई तक बच्ची बुखार, सिरदर्द और उल्टियां जैसी समस्या से जूझ रही थी।
अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस दूषित पानी में पाया जाने वाला अमीबा है, जिसे नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria Fowleri) के नाम से जाना जाता है। विशेषज्ञ इसे दिमाग खाने वाला कीड़ा भी कहते हैं। यह नाक के रास्ते से शरीर में दाखिल होता है और धीरे-धीरे दिमाग को खा जाता है। जिसकी वजह से पीड़ित की मौत हो सकती है। आमतौर पर यह अमीबा गर्म ताजे पानी जैसे- झील, गुनगुने पानी, तालाब के किनारे की मिट्टी इत्यादि में पाए जाते हैं।
अमीबा से संक्रमित होने पर व्यक्त की शरीर एक से 12 दिनों तक लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें शामिल है -