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Written By: Atul Modi | Published : September 17, 2021 4:49 PM IST
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में कोरोना से ठीक होने के बाद 5 मरीजों की पित्ताशय की थैली में गैंग्रीन (Gallbladder Gangrene) विकसित होने का मामला सामने आया है। अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपने आप में पहला मामला है। आपको बता दें कि, गैंग्रीन एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर के कुछ हिस्सों में ऊतक नष्ट होने लगते हैं, जिसके कारण उस जगह पर घाव बन जाते हैं। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं किया जाता तो स्थिति गंभीर हो जाती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो गैंग्रीन के ज्यादातर मामले उन मरीजों में देखे जाते हैं जिन्हें डायबिटीज की समस्या होती है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती जिन पांच मरीजों की पित्ताशय की थैली में गैंग्रीन की समस्या हुई है उनकी उम्र 37 से 75 वर्ष की आयु के बीच है। इनमें चार पुरुष और एक महिला शामिल है। जिनका उपचार जून से अगस्त के बीच सफलतापूर्वक किया गया है इन मरीजों ने बुखार पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द और उल्टी की शिकायत की थी इनमें से 2 मरीजों को डायबिटीज था तो वहीं एक मरीज हृदय रोग से ग्रसित था। इनमें से 3 रोगियों को कोविड-19 के उपचार के दौरान स्टेरॉयड दिया गया था।
अस्पताल में इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पेनक्रिएटिकोबिलरी साइंसेज के चेयरमैन डॉ अनिल अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया है कि, इस साल कोरोनावायरस की दूसरी लहर में 5 मरीजों में गॉलब्लैडर गैंग्रीन का मामला सामने आया था। यह समस्या कोरोना से उबरने के बाद देखने को मिली थी। हालांकि इन 5 रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है। इन मरीजों में पित्त की पथरी के बगैर पित्ताशय में सूजन था। जिसके परिणाम स्वरूप गैंग्रीन की पहचान की गई और तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया गया।
डॉ अनिल अरोड़ा ने बताया कि इस प्रकार की समस्या आमतौर पर डायबिटीज, एचआईवी वैस्कुलर डिजीज, लंबे समय तक उपवास रखने वाले, आईसीयू में भर्ती रह चुके लोग, ट्रामा, बर्न और Sepsis रोग के इतिहास वाले मरीजों में देखा जाता है।
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