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Written By: Jitendra Gupta | Published : December 1, 2021 11:28 AM IST
भारत में विदेशी यात्रियों के लिए आज से बदलें नियम, टेस्ट से लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग तक जानें 5 बड़े नियम
दुनियाभर में कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का डर अब लोगों को सताने लगा है। भारत में भले ही इस वेरिएंट का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन एहतियात के रूप में केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नए नियम जारी कर दिए हैं, जो आज से प्रभावी होंगे। ये फैसला 'ओमिक्रोन' वेरिएंट से बचाव के मद्देनजर लिया गया है और राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ स्वास्थ्य स्तर पर तैयारियों की समीक्षा के लिए हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इसकी घोषणा की गई। आइए जानते हैं कौन से हैं ये नियम।
जिन देशों को 'एट रिस्क' की सूची में रखा गया है वहां से आने वाले यात्रियों के यहां पहुंचने पर कोविड टेस्ट किया जाएगा और उन्हें तब तक हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी जब तक उनके आरटी-पीसीआर टेस्टकी रिपोर्ट नहीं आ जाती है। अगर उनका टेस्ट नेगेटिव आता है तो उन्हें सात दिन तक होम क्वारंटाइन में रहना होगा और उसके 8 वें दिन फिर से टेस्ट किया जाएगा। होम आइसोलेशन सुनिश्चित करने के लिए राज्य के अधिकारी घरों का दौरा करेंगे।
अगर आपका पीसीआर टेस्ट पॉजिटिव आता है तो यात्री को अलग कर दिया जाएगा और उसका इलाज किया जाएगा। इतना ही नहीं उसके सैंपल को को तुरंत INSACOG लैब्स नेटवर्क भेजा जाएगा। ये एक मल्टी-लैब है, जिसे पूरे देश भर में लगाया गया है और यहां पर कोविड-19 वायरस में होने वाले जीनोमिक वेरिएशन की निगरानी की जाती है। जीनोम सीक्वेंसिंग वायरस के स्ट्रेन का पता लगाने के लिए की जाती है।
जिस राज्य में यात्री पॉजिटिव पाया जाएगा उसकी वहां के अधिकारियों द्वारा लगातार 14 दिनों तक निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी की जाएगी। जिन देशों को 'एट रिस्क' की सूची में रखा गया है वहां से आने वाले यात्रियों को टेस्ट के नतीजे आने तक हवाई अड्डों पर प्रतीक्षा करने की सलाह दी जाएगी। अभी तक इस सूची में ब्रिटेन, यूरोप के सभी 44 देश, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजराइल शामिल हैं।
केंद्र ने सभी राज्यों को ये सलाह दी है कि वे अगले कुछ दिनों के लिए अपने-अपने हवाई अड्डों, बंदरगाहों और भूमि सीमा पार से देश में आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर कड़ी निगरानी रखें। इसके साथ ही राज्यों से 'टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, वैक्सीनेट' रणनीति पर फिर से जोर देने को कहा गया है। इसके अलावा सभी राज्यों से टेस्ट में तेजी लाने की भी सलाह दी गई है क्योंकि ऐसा कहा जा रहा है कि 'ओमिक्रोन' वेरिएंट को आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट से पता लगाया जा सकता है। पीसीआर टेस्ट का उपयोग अब तक कोविड का पता लगाने के लिए किया गया है।
टेस्टिंग को और मजबूती देने, टेस्टिंग दिशानिर्देशों को सख्ती से पालन और आरटी-पीसीआर टेस्ट का सही अनुपात कोविड का पता लगाने में अधिक प्रभावी पाए गए हैं। केंद्र ने उन सभी जगह की निरंतर निगरानी की भी सलाह दी है, जहां हाल ही में पॉजिटिवटृ मामलों की संख्या बहुत ज्यादा पाई गई है। इसके अलावा जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सभी पॉजिटिव सैंपल्स को तुरंत INSACOG नेटवर्क भेजने के लिए कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आईसीयू, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर आदि की उपलब्धता सहित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की तैयारा करने और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर ध्यान देने को कहा गया है।