घर में लगे इन 5 पौधों से पालतू जानवरों को रखें दूर, छूते ही फैलता है जहर

कुछ पौधों की प्रजातियां आपके पालतू जानवरों जैसे कि कुत्ते और बिल्ली के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। दरअसल, इन पौधों में पाए जाने वाले कुछ तत्व इंसानों के लिए तो जबरदस्त तरीके से काम करते हैं लेकिन जानवरों पर रिएक्शन कर जाते हैं। इनके संपर्क में आने से उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

WrittenBy

Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : July 8, 2020 8:01 PM IST

घर में पेड़ पौधे लगाने से घर में हरियाली, सकारात्मकता और खुशियां आती हैं। पेड़ पौधों से मिलने वाली हवा और सुगंध कई रोगों का सफल इलाज भी करती है। हालांकि अफसोस की बात यह है कि कुछ पौधों की प्रजातियां आपके पालतू जानवरों जैसे कि कुत्ते और बिल्ली के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। दरअसल, इन पौधों में पाए जाने वाले कुछ तत्व इंसानों के लिए तो जबरदस्त तरीके से काम करते हैं लेकिन जानवरों पर रिएक्शन कर जाते हैं। इनके संपर्क में आने से उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आज हम आपको 5 ऐसे पौधों के बारे में बता रहे हैं जो आपके पालतू जानवर कुत्ते-बिल्ली के लिए घातक साबित हो सकते हैं। तो आइए जानते हैं कौन से हैं ये पौधें—

घर में लगे ये 5 पौधें पालतू जानवरों के लिए नहीं हैं सेफ

लिली

लिली पौधों का परिवार काफी बड़ा है, जिसकी कुछ प्रजातियां घर में पल रहे पालतू जानवरों कुत्तों और बिल्लियों के लिए किसी जहर से कम नहीं होती है। मौना लो, जिसे पीस लिली के रूप में भी जाना जाता है, कुत्तों और बिल्लियों के लिए जहरीला होता है। जबकि स्टारगज़र और ईस्टर लिली केवल बिल्लियों के लिए विषाक्त होती हैं। वास्तव में, स्टारगज़र और ईस्टर लिली बिल्लियों के लिए उस वक्त घातक हो जाते हैं जब समय पर उनका इलाज नहीं होता है। इससे जानवर की भूख और किडनी दोनों प्रभावित होती हैं। जबकि पीस लिली के संपर्क में आने से आपकी बिल्ली और कुत्ते में उल्टी, होठों और जीभ में सूजन जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

ऐलोवेरा

ऐलोवेरा इंसानों के लिए जितना फायदेमंद और औषधीय पौधा है उतना ही पालतू कुत्ते के लिए खतरनाक है। ऐलोवेरा के पत्तों में मौजूद जैल तो कुत्ते को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता है लेकिन इसके अन्य भाग नुकसान पहुंचा सकता है।

डाइफ़ेनबैचिया

डाइफ़ेनबैचिया को आमतौर पर डंब केन, एक्सोटिका या ट्रॉपिक स्नो के रूप में जाना जाता है और यह कुत्तों और बिल्लियों दोनों के लिए जहरीला होता है। इस पौधे के हानिकारक विषाक्त पदार्थों कुत्ते और बिल्ली के मुंह व जीभ में जलन और सूजन का कारण बन सकते हैं। साथ ही उन्हें उल्टी, खाना निगलने में परेशान और बहते लार की दिक्कत हो सकती है। कुछ मामलों में यह सांस लेने में कठिनाई और यहां तक ​​कि मौत का कारण भी बन जाता है।

शतावरी फर्न

इस पौधे के संपर्क में आने से कुत्ते और बिल्ली दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इस पौधे को एमराल्ड फर्न, एमरल्ड फेदर, स्प्रेंजीरी फर्न, लेस फर्न और प्लुमोसा फर्न के नाम से भी जाना जाता है। पौधे में सैपोजिन नामक एक विष होता है। इस पौधे में जामुन जैसा एक छोटा फल होता है जिसे निगलने पर आपके कुत्ते और बिल्ली को डायरिया, उल्टी, पेट में दर्द और स्किन में सूजन की समस्या हो सकती है।

कैलेडियम

आप इस रंगीन पौधों की प्रजातियों को इसके अन्य फेमस नामों जैसे कि मलंगा, वाया सोरी, पाई, तारो, केप या एप के नाम से जानते होंगे। इसमें पाए जाने वाले रसायन डाईफेनबैचिया कुत्ते और बिल्ली के लिए खतरनाक होता है। इनके संपर्क में आने से उन्हें लाल में वृद्धि, उल्टी और निगलने में कठिनाई हो सकती है।