फेफड़ों व श्वांस की बीमारी से रहना है दूर तो इस्तेमाल करें ये 4 हर्ब्स

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : August 16, 2018 7:38 PM IST

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गुरुवार शाम जिंदगी की जंग हार गए। पूर्व प्रधानमंत्री ने एम्स में शाम पांच बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली। वाजपेयी पिछले 9 सप्ताह से एम्स में भर्ती थे और पिछले करीब 36 घंटे से डॉक्टरों ने उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा हुआ था। वाजपेयी को डिमेंशिया के अलावा किडनी में संक्रमण, फेफड़ो में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि हेल्थ की समस्याएं होने के पर भर्ती कराया गया था।

श्वसन संक्रमण ने कई लोगों के जीवन संकट में रहता है। पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने हाल ही में श्वसन संक्रमण की वजह से ही 05:05 बजे अपनी आखिरी सांस ली। एक अध्ययन से पता चला है कि 2013 से 2016 तक, भारत में श्वसन संक्रमण 7.5 मिलियन हो गया है। लांसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत में वायु प्रदूषण ने 1.81 मिलियन लोगों का दावा किया। जबकि डॉक्टर श्वसन संक्रमण को रोकने और नियंत्रित करने में अपना हिस्सा कर रहे हैं, आप श्वसन संबंधी परेशानियों से बचने के लिए नेचुरल हर्ब्स का सेवन कर सकते हैं। आइए जानतें है 4 मुख्य हर्ब्स के बारे में जो फेफड़ों के हेल्थ के लिए बेहतर होते हैं।

यूकेलिप्टस

मूलतः आस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला यूकेलिप्टस अब हर जगह होने लगा है। यह श्वसन की समस्याओं के इलाज के लिए एक बेहतरीन हर्ब्स होता है। अक्सर खांसी की दवा में जो एसेंस मिलाया जाता है वह यूकेलिप्टस का ही होता है। यूकेलिप्टस का प्रयोग साइनस की बीमारी में भी किया जा सकता है। यह शरीर के एंटीऑक्सिडेंट्स को बढ़ाता है और श्वसन संक्रमण को कम करता है।

लांगवर्ट

लांगवर्ट फेफड़ों को मजबूत करने के लिए एक बेहतरीन हर्ब्स माना जाता है। यह फेफड़ों को हेल्दी बनाने के लिए उपयोग किया जाता रहा है। इसमें पाये जाने वाले तत्व फेफड़े की नली में आने वाली रूकावट को दूर करते हैं।

ओरिगैनो

ओरिगैनो हर्ब्स का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए किया जाता रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के अलावा यह श्वसन की समस्या को भी दूर करता है। इसमें पाया जाने वाला कार्सिनोगिक और रोजेमेरिनिक एसिड श्वांस नली को खोलता है और संक्रमण से बचाता है।

केला का पत्ता

केले के पत्ते का उपयोग खांसी के इलाज में बहुत पहले से किया जाता रहा है। सूखे केले के पत्तों के द्वारा बनाई जाने वाली दवा सूखी खांसी के लिए रामबाण इलाज मानी जाती रही है। कई मेडिकल परिक्षणों में यह पाया गया हा कि केले के पत्ते में पाये जाने वाले योगिक फेफड़ों की जलन को कम करने में सहायक हैं।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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