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Written By: Editorial Team | Updated : June 7, 2018 7:32 PM IST
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मातृ मृत्युदर में कमी लाने के प्रयास कारगर हो रहे हैं। राज्य सरकार ने भारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के विशेष बुलेटिन के आधार पर दावा किया है कि दो वर्षो में मातृ मृत्युदर में 48 अंकों की गिरावट दर्ज हुई है।
राज्य शासन द्वारा गुरुवार को जारी ब्यौरे के अनुसार, भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा वर्ष 2014 से 2016 तक के विशेष बुलेटिन में मध्य प्रदेश में मातृ मृत्युदर में 48 अंकों की अभूतपूर्व गिरावट दर्ज हुई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक एस. विश्वनाथन ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2011-13 में मातृ मृत्युदर 221 प्रति हजार थी, जो अब घटकर मात्र 173 रह गई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षो में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
विश्वनाथन ने कहा कि संस्थागत प्रसव, एएनएम़, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, दस्तक अभियान और निरंतर जारी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के परिणाम अब आने लगे हैं। आने वाले वर्षो में यह गिरावट और अधिक स्पष्ट होगी। स्वास्थ्य संस्था स्तर से लेकर समुदाय स्तर तक प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को जागरूक किया गया है कि गर्भ का पता चलते ही शीघ्र स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला का पंजीयन करवाएं, इससे प्रसव पूर्व आवश्यक जांचें, टीकाकरण, खून की कमी आदि का उपचार होने के साथ ही अन्य जटिलताओं पर काबू पाने में आसानी हुई है।
स्रोत: IANS Hindi.
चित्रस्रोत: Shutterstock.