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संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की एक रिपोर्ट से पता चला है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 48.6 करोड़ लोग कुपोषण से जूझ रहे हैं और बीते दो वर्षो में स्थिति थोड़ी बदली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शुक्रवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया के आधे से अधिक कुपोषित बच्चे एशिया प्रशांत में हैं। यह भी पढ़ें - रहना है हेल्दी और हैप्पी , तो फॉलो करें सेहत के ये रूल
इस क्षेत्र के बच्चे तेजी से मोटापे का भी शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति इस क्षेत्र के बच्चों में नमक, शक्कर और वसायुक्त अस्वस्थ खाद्य पदार्थो की आसान उपलब्धता और जरूरी पोषक तत्वों की कमी के कारण है। यह भी पढ़ें - आपकी ये ‘अच्छी’ आदतें पहुंचा सकती हैं आपकी सेहत को नुकसान
कुपोषण का यह दोहरा बोझ एक ही समुदायों और परिवारों में रहने वाले कमजोर और अधिक वजनी बच्चों में देखने को मिलता है और कभी-कभी यह दोनों ही परेशानियां एक ही बच्चे में देखने को मिलती है।
मोटापे का कारण
बच्चों में बढ़ रहे मोटापे का कारण बायोलॉजिकल और लाइफस्टाइल है, लेकिन गलत खान-पान भी बच्चे के वजन बढ़ने कारण हो सकता है। कैंडी, चॉकलेट, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और स्वीट्स खाने वाले बच्चों में मोटापा बढ़ने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा अनुवांशिक कारण जैसे ज्यादा खाना, घंटों टीवी देखना, कम एक्टिव होना और तनाव भी इसके लिए जिम्मेदार है। यह भी पढ़ें – डायबिटीज से हैं पीड़ित और सेलिब्रेट करनी है दिवाली, तो अपनाएं ये टिप्स
मोटापे से होने वाली बीमारियां
कैसे करें बच्चों के मोटापे को मैनेज?
एक्सरसाइज - बच्चें में बढ़ते मोटापे को कम करने के लिए उन्हें वर्कआउट की आदत डालें। बच्चे एक्सरसाइज करना पसंद नहीं करते, लेकिन अगर आप उनके साथ ऐसा करेंगे तो उनका मनोबल बढ़ेगा। बच्चों का मोटापा कम करने के लिए हेल्थ क्लब और आउटडोर गेम्स भी अच्छा तरीका है।
हेल्दी डाइट - बच्चों को जंक फूड से दूर रखें और उनकी डाइट में हेल्दी चीजें शामिल करें। उनके खाने में दाल, दूध, फल और हरी सब्जियां शामिल करें। हाई कैलोरी वाले स्नैक्स और चॉकलेट्स से बच्चों को दूर रखें।
वेट मैनेजमेंट प्रोग्राम - बच्चों का मोटापा कम करने के लिए उन्हें एक्टिव बनाएं। उन्हें ज्यादा देर टीवी और कम्प्यूटर पर न बैठने दें। इसके अलावा आप उन्हें आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रेरित करें। इससे उनका मोटापा कम होने का साथ-साथ मनोबल भी बढ़ेगा।