मुंबई में डेंगू, मलेरिया के बाद अब इस बीमारी का बढ़ा खतरा! सिर्फ 3 दिन में 40 मामलों से परेशान हुए डॉक्टर्स

मुंबई में भारी बारिश के बीच डॉक्टर्स के लिए डेंगू, मलेरिया के बाद इस बीमारी ने चिंता बढ़ा दी है। जानिए कौन सी बीमारी का खतरा ज्यादा।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : July 6, 2022 11:19 AM IST

मुंबई में भारी बारिश के बीच जुलाई के पहले तीन दिनों में मलेरिया और गैस्ट्रो के करीब 40 मामले सामने आए हैं। वहीं बात करें डेंगू की तो ई वार्ड (रे रोड और मदनपुरा इलाके) और एचई वार्ड (इंदिरा नगर, गावंदेवी, वकोला पाइपलाइन) में मामले बढ़े हैं। डेंगू, मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच बीएमसी ने सभी नागरिकों से उचित एहतियाती उपायों का पालन करने को कहा है।

रोजाना सामने आ रहे मामले

मुंबई सेंट्रल के वॉकहार्ड हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के निदेशक डॉ. बेहराम पर्दीवाला का कहना है कि हमने मलेरिया, लेप्टोस्पीरोसिस जैसी संक्रामक बीमारियों के मामले देखे हैं, जो अभी तक सामने आए हैं। हैरानी वाली बात ये है कि अब पेट से जुड़ी परेशानियों के मामले भी सामने आ रहे हैं। हमें ऊपरी श्वसन तंत्र के इंफेक्शन के मामले भी देखने को मिल रहे हैं, विशेष रूप से फ्लू, खांसी और नाक बगने जैसी बीमारियां भी। रोजाना 2 से 3 मामले ऐसे ही सामने आ रहे हैं वहीं हर सप्ताह 2 से 3 मामले पेट से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।

फ्लू और कोविड के लक्षणों से परेशान

चेंबुर के जेन मल्टीस्पेशयालिटी हॉस्पिटल के फिजिशियन, इंटेनसिविस्ट एंड इंफेक्शियस डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. विक्रांत शाह का कहना है कि जैसा कि मानसून आ चुका है और अब तक मानसून में होने वाले इंफेक्शन के मामले भी सामने आ चुके हैं। फिलहाल वायरल और कोविड के मामले एक-दूसरे के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं।

कब कराएं कोविड की जांच

उन्होंने कहा कि अगर आपको ज्वाइंट पेन है या फिर बुखार, खांसी, ठंड लगना, गले में खराश, थकान, नाक बहना और पिछले तीन दिन से भूख नहीं लग रही है तो आपको कोविड इंफेक्शन की जांच करानी चाहिए।

रोजाना आ रहे मामले

एक्सपर्ट का कहना है कि मानसून के कारण मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से वायरल के मामलों में वृद्धि हुई है। लोग बारिश में भीग रहे हैं और बहुत ज्यादा देर तक गीले कपड़ों में रहते हैं, जिसकी वजह से वायरल की संभावना बढ़ जाती है। फिलहाल बारिश के पानी में मच्छरों के पनपने से मलेरिया और डेंगूके मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। अभी तक मलेरिया के 5 से 6 मामले और 5 से 5 मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं।

एक समान हैं लक्षण

डायरेक्टर ऑफ क्रिटिक्ल केयर मेडिसिन एंड आईसीयू डॉ. राहुल पंडित का कहना है कि चूंकि कोविड और मच्छर जनित बीमारियों के लक्षण एक समान हैं जैसे बुखार, उल्टी, दस्त, शरीर में दर्द इसलिए लोगों को भ्रम हो जाता है, इसलिए टेस्ट कराने की जरूरत है। समय पर निदान बीमारी के खतरे को करता है।

7 से 10 दिन तक रहे सतर्क

बीएमसी ने नागरिकों से अतिरिक्त सतर्क रहने और बुखार जैसी स्थिति को नजरअंदाज न करने को कहा है। इसके अलावा लोगों को खुद से दवा लेने से बचने और लक्षणों के दिखाई देने पर 7 से 10 दिन तक सतर्क रहने को कहा है।

कब डॉक्टर को दिखाएं

अगर किसी व्यक्ति को बुखार के साथ ठंड लगती है, जोड़ों में दर्द होता है, रैशेज, खांसी, सांस लेने में परेशानी, दस्त, उल्टी, गले में खराश और पीलिया होता है तो उसे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करना चाहिए और डॉक्टर से उचित सलाह लेनी चाहिए।