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Written By: Atul Modi | Updated : April 26, 2021 10:58 PM IST
मंत्री जितेंद्र ने कहा कि भिवंडी-निजामपुर नगर निगम आयुक्त पंकज आशिया इस घटनाक्रम की जांच करेंगे और रिपोर्ट सौंपेंगे।
सोमवार को महाराष्ट्र के ठाणे शहर के एक निजी अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के कारण कम से कम चार कोविड-19 रोगियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला अधिकारियों से घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और साथ ही मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे और आवास मंत्री जितेंद्र अवध ने कहा कि घटना वेदांता अस्पताल में हुई है, जहां मृतक मरीज पिछले कुछ दिनों से गंभीर हालत में थे।
मंत्री जितेंद्र ने कहा कि भिवंडी-निजामपुर नगर निगम आयुक्त पंकज आशिया इस घटनाक्रम की जांच करेंगे और रिपोर्ट सौंपेंगे।
शिंदे ने कहा कि स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार चिकित्सा ऑक्सीजन की कमी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सड़क, ट्रेन या उड़ानों के माध्यम से भी अन्य राज्यों से ऑक्सीजन खरीद रहे हैं।
महागठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने दावा किया कि 6 मरीजों की मौत हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे को बर्खास्त करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि ठाणे के वेदांता अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति में खराबी के कारण छह लोगों की मौत हो गई। भाजपा नेता ने कहा कि ठाकरे शासन में ऑक्सीजन की कमी या आग की वजह से महाराष्ट्र के अस्पतालों में नियमित तौर पर कोविड-19 मरीज मर रहे हैं। उन्होंने सवाल दागते हुए कहा कि आखिर टोपे को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा?
भाजपा विधायक निरंजन दवखड़े ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस त्रासदी के लिए वेदांता अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार है या ठाणे नगर निगम (टीएमसी) जिम्मेदार है।
ताजा घटना नासिक में एक बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन गैस रिसाव की घटना के बाद सामने आई है, जिसमें 21 अप्रैल को 29 मरीजों की मौत हो गई थी। वहीं पालघर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से 23 अप्रैल को 15 लोगों की जान चली गई थी। पिछले पांच दिनों के अंदर ही कोविड सुविधाओं में भर्ती मौत का शिकार होने वाले लोगों की संख्या 48 हो चुकी है।
(आईएएनएस)