दुनिया भर में 80 % कोरोना संक्रमण के कारण 30 प्रतिशत लोग बने संक्रामक

डेटा वैज्ञानिक डॉ. लुसी ली का कहना है कि दुनियाभर में कोविड-19 संक्रमण का लगभग 80 प्रतिशत संक्रमण मात्र 30 प्रतिशत सर्वाधिक संक्रामक (Contagious) लोगों की वजह से फैला है। साथ ही उन्होंने कहा कि संक्रमण का एक बहुत विस्तृत रेंज है, जो अभी भी पहचान में नहीं आया है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Published : July 5, 2020 8:32 AM IST

चान जुकरबर्ग बायोहब (सीजेडबी) की एक डेटा वैज्ञानिक डॉ. लुसी ली का कहना है कि दुनियाभर में कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 infection) का लगभग 80 प्रतिशत संक्रमण मात्र 30 प्रतिशत सर्वाधिक संक्रामक (Contagious) लोगों की वजह से फैला है। साथ ही उन्होंने कहा कि संक्रमण का एक बहुत विस्तृत रेंज है, जो अभी भी पहचान में नहीं आया है। उन्होंने इस सप्ताह एमेजॉन टीम के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कहा, हालांकि अभी भी व्यक्तिगत सुपर-स्प्रेडर्स हैं और इस वर्तमान कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus pandemic) में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका वह निभा रहे हैं, जो कि बड़ी संख्या में एकजुट हो रहे हैं, और शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं।

उनका नवीनतम शोध एडब्ल्यूएस डायग्नोस्टिक डेवलपमेंट इनिशिएटिव द्वारा समर्थित है, जिसके माध्यम से वह बिना रिपोर्ट किए गए कोविड-19 मामलों का अनुमान लगा रहे हैं। यह एक वैश्विक कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से कोविड-19 के अधिक सटीक, निदान व समाधान के लिए काम कर रहे संगठनों का समर्थन किया जा रहा है।

सभी में लक्षण एक जैसे नहीं

बायोहब यूसी बर्कले, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन फ्रांसिस्को (यूसीएसएफ) और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से फेसबुक सीईओ और संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चान द्वारा 60 करोड़ डॉलर से वित्त पोषित है। ली के अनुसार, एक बात जो कोविड-19 (Covid-19 infection in hindi) को ट्रैक करने में सबसे चुनौतीपूर्ण है, वह यह कि सभी व्यक्तियों में कोरोनावायरस के लक्षण (Symptoms of coronavirus) एक जैसे नजर नहीं आ रहे हैं।

भारत को कोरोना वैक्सीन तैयार करने में मिली दूसरी सफलता, जायडस वैक्सीन को ह्यूमन ट्रायल के लिए डीसीजीआई से मिली अनुमति