दिल्ली-एनसीआर में 30% लोगों को हो रही हैं सांस से जुड़ी समस्या, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

भले ही पिछले 7-8 महीनों से कोरोना वायरस के चलते दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियां पहले की तरह फर्राटे नहीं भर रही हैं, बावजूद इसके दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। हाल ही में सामने आए एक सर्वे से पता चलता है कि दिल्ली के लगभग 65% घरों के लोग प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं दिल्ली-एनसीआर के 47% लोगों को सर्दी, खांसी या गले में खरास की समस्या हो रही है तो वहीं 26% लोगों को आंखों में जलन की शिकायत है। इसके साथ ही 30% ऐसे लोग हैं जो सांस से जुड़ी समस्या या सांस लेने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ये आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : October 15, 2020 8:07 PM IST

भले ही पिछले 7-8 महीनों से कोरोना वायरस के चलते दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियां पहले की तरह फर्राटे नहीं भर रही हैं, बावजूद इसके दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। हाल ही में सामने आए एक सर्वे से पता चलता है कि दिल्ली के लगभग 65% घरों के लोग प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं दिल्ली-एनसीआर के 47% लोगों को सर्दी, खांसी या गले में खरास की समस्या हो रही है तो वहीं 26% लोगों को आंखों में जलन की शिकायत है। इसके साथ ही 30% ऐसे लोग हैं जो सांस से जुड़ी समस्या या सांस लेने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ये आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं।

बढ़ रहा है राजधानी में प्रदूषण का स्तर

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक दोपहर एक बजे 323 पर था, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। हर साल यह देखने में आता है कि राजधानी और इससे सटे इलाकों में सर्दियां शुरू होते ही वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। हालांकि अभी सर्दी शुरू भी नहीं हुई है, मगर लोगों को प्रदूषण का आभास होने लगा है। शहर के कई डॉक्टरों और अस्पतालों का भी कहना है कि सांस लेने में कठिनाई वाले रोगियों के मामलों की अधिक संख्या देखने को मिल रही है। पहले से श्वसन संबंधी बीमारियों से घिरे लोग खराब हवा के संपर्क में आते हैं तो उन्हें और अधिक परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। यहां तक कि उन्हें कोरोनावायरस जैसे संक्रामक रोगों का खतरा भी अधिक है।

air pollution

65% लोगों को है समस्या

सर्वे में शामिल 65 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके घर में एक या अधिक लोगों को प्रदूषण की वजह से परेशानी होनी शुरू हो गई है। प्रदूषण से निपटने की योजना के सवाल पर सर्वे में शामिल छह प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह कुछ समय के लिए दिल्ली-एनसीआर से बाहर चले जाएंगे। वहीं 21 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह घरों में ही रहेंगे और इम्युनिटी बढाएंगे। वहीं, 12 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करेंगे। वहीं 24 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह नियमित गतिविधि (रूटीन एक्टिविटी) करेंगे और मास्क पहनेंगे।

इसके साथ ही 25 फीसदी से अधिक लोगों ने कहा कि वे नियमित गतिविधि करेंगे और बाहर जाने पर मास्क पहनेंगे और इसके अलावा इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाएंगे, जबकि नौ प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे उपरोक्त में से कोई भी काम नहीं करेंगे और बस इसी परिस्थिति के साथ बने रहेंगे। सर्वे में शामिल चार प्रतिशत लोगों ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने काफी काम किया है और इस बार अच्छे परिणाम दिखेंगे। वहीं, सात प्रतिशत लोगों ने कहा कि काम हुआ है और कुछ न कुछ असर पड़ेगा। हालांकि इस मामले में 42 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कुछ काम नहीं हुआ है और प्रदूषण पिछले साल जैसा ही रहेगा।

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