टोमैटो फ्लू (Tomato Flu) से ओडिशा में 26 बच्चे बीमार, जानें बच्चों को इस संक्रामक रोग से कैसे बचाएं

Tomato Flu: टोमैटो फ्लू एक संक्रामक वायरस है। ऐसे में जरूरी ये है कि आप अपने बच्चों को इस बारे में जानकारी दें और उन्हें बताएं कि वे इस इस इंफेक्शन से कैसे बच सकते हैं।

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Written By: Pallavi Kumari | Published : May 25, 2022 9:22 AM IST

ओडिशा में 26 बच्चे टोमैटो फ्लू (Tomato flu virus) से बीमार हो गए हैं। खबर है कि इस वायरस के लक्षण बच्चों के पैर और मुंह में नजर आ रहे हैं। एचएफएमडी (HFMD) की मानें तो, इन बच्चों में 19 भुवनेश्वर से हैं, 3 पुरी से और दो-दो कटक से हैं । हालांकि, फिलहाल इनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। बता दें कि टोमैटो फ्लू के रूप में जाना जाने वाला ये संक्रामक रोग आंतों के वायरस के कारण होता है और ज्यादातर बच्चों को ही प्रभावित करता है। वयस्कों में बीमारी दुर्लभ है क्योंकि उनके पास आमतौर पर वायरस से बचाव के लिए पर्याप्त इम्यूनिटी होती है।

टोमैटो फ्लू बच्चों को क्यों हो रहा है?

टोमैटो फ्लू (Tomato Flu in hindi) एक वायरल इंफेक्शन है जो कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है। ये बच्चों को ज्यादा इसलिए होता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी बड़ों की तुलना में कमजोर होती है और उनका शरीर इस इंफेक्शन से लड़ नहीं पाता और वो इससे प्रभावित हो जाते हैं।

बच्चों में टोमैटो फ्लू के लक्षण-Tomato flu symptoms in hindi

इस इंफेक्शन में संक्रमित बच्चों के शरीर पर टमाटर जैसे लाल रंग के दाने उभर आते हैं। इन दानों में खुजली होती है जिसे खुजलाने से इनमें जलन होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो, ज्यादातर मामलों में इस इंफेक्शन कारण बुखार, मुंह में दर्दनाक घाव और हाथों, पैरों और नितंबों पर छाले के साथ दाने जैसे लक्षण होते हैं। इसके अलावा शरीर में कई लक्षण नजर आते हैं। जैसे कि

- संक्रमित बच्चे को तेज बुखार भी आता है

- बच्चे के शरीर और जोड़ो में दर्दकी शिकायत भी रहती है।

-ये वायरस इंफेक्शन से बच्चों की पाचन शक्ति को खराब कर देता है जिसकी वजह से बच्चे डिहाइड्रेशन और पेट से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं।

बच्चों को टोमैटो फ्लू से कैसे बचाएं-How to protect Kids from Tomato flu?

बच्चों को टोमैटो फ्लू से बचाने के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि ये एक संक्रामक बीमारी है ऐसे में हमें कोशिश करनी चाहिए कि

-बच्चों को दूसरे बीमार लोगों से और दूसरे बच्चों से दूर रखें, खास कर कि जिन्हें बुखार हो या शरीर में दाने निकले हो।

- हाइजीन और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।

-शरीर पर दाने, बुखार और कोई भी समस्या दिखने पर घरेलू उपचार की मदद ना लें। सीधे डॉक्टर के पास जाएं और बच्चों को ट्रीटमेंट दिलवाएं।

-बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने को कहें ताकि वे डिहाइड्रेशन का शिकार ना हो और आंतों की क्लीनजिंग होती रहे और वे हेल्दी रहें।

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, केरल के कोल्लम जिले से टोमैटो फ्लू के 80 से अधिक मामले सामने आए, जिससे पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु और कर्नाटक को सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। अब जब ये ओडिशा में आ गया है तो बाकी राज्यों को भी इससे सतर्क रहने की जरुरत है।

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