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देश में कोरोना का कहर जारी है। बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे तक हर कोई कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। कोरोना के लक्षणों को बेअसर करने के लिए सरकार सभी लोगों से वैक्सीन लगाने की अपील कर रहे है। फिलहाल हमारे देश में कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन की डोज लग रही है। इसी बीच कोविशील्ड वैक्सीन (AstraZeneca vaccine) लगा चुके लोगों में ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉटिंग के मामले दिखें। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि कुछ मामूली केसस में ही ब्लड क्लॉटिंग के लक्षण दिखे हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर भारत में कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है। (Blood Clotting, Bleeding due to Covishield Vaccine in hindi)
नेशनल AEFI (Adverse Events Following Immunization) द्वारा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को सौंपी एक रिपोर्ट के अनुसार, CO-WIN प्लेटफॉर्म के माध्यम से पता चलता है कि अब तक 23,000 से अधिक लोगों में वैक्सीन के प्रतिकूल प्रभाव दिख चुके हैं। ये मामले देश के 753 जिलों में से 684 जिलों में दिखे। जिनमें से 700 मामले सीरियस और सीवियर हैं। इसके बाद जब AEFI कमेटी ने 498 सीरियस मामलों की जांच की तो उसमें 26 मामले ब्लड क्लॉटिंग के मिले। कहा गया है कि ये रिस्क प्रति मिलियन पर 0.61% है। AEFI द्वारा ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉटिंग के मामले सिर्फ कोविशील्ड वैक्सीन लेने वालों में दिखने की बात कही गई है। कोवैक्सीन वैक्सीन लेने वाले लोगों में एक भी केस ऐसा नहीं दिखा है। इस संबंध में आज स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर दी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविशील्ड वैक्सीन लेने वालों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है जिसमें कहा गया है वैक्सीन लगाने के 20 दिनों तक अगर कोई शारीरिक समस्या होती है तो टीका केंद्र पर तुरंत जाएं। साथ ही निम्न लक्षणों के दिखने पर भी टीका केंद्र पर संपर्क करें-