Advertisement

किडनी बदलने के बाद डायलिसिस पर रहते हुए 23 वर्षीय महिला ने दिया नॉर्मल डिलीवरी से बच्चे को जन्म

लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के डॉक्टरों ने डायलिसिस (Dialysis) पर रहते हुए एक महिला को बच्चे को जन्म देने में मदद की। इस कामयाबी को एक दुर्लभ चिकित्सा उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

Child Birth on Dialysis in Hindi: लखनऊ में एक महिला ने डायलिसिस पर रहते हुए एक बच्चे को जन्म दिया है, जिसे डॉक्टर्स एक कामयाबी के तौर पर देख रहे हैं और इसे एक दुर्लभ चिकित्सा उपलब्धि बता रहे हैं। यह खबर है लखनऊ की, जहां किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों ने डायलिसिस (Dialysis) पर रहते हुए एक 23 वर्षीय महिला को बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी के जरिए शिशु को जन्म देने में मदद की।

दुर्लभ चिकित्सा उपलब्धि बता रहे हैं डॉक्टर

केजीएमयू इस कामयाबी को एक दुर्लभ चिकित्सा उपलब्धि के तौर पर देखा रहा है। दुख वाली बात ये है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे जीवित नहीं बचाया जा सका। हालांकि, मरीज निधि के इस जटिल प्रेग्नेंसी के कारण कई अंग काम करना बंद कर दिए थे, उसके बाद भी वह बच गई। हालांकि, इस दौरान मरीज की जान भी जा सकती थी।

फरुर्खाबाद जिले की रहने वाली है मरीज निधि

केजीएमयू ने इस मामले को प्रसूति क्रिटिकल केयर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। फरुर्खाबाद जिले की रहने वाली मरीज निधि को इस सप्ताह एक महीने के आईसीयू में रहने और वेंटिलेटर सर्पोट देने के बाद छुट्टी दे दी गई थी।

Also Read

More News

केजीएमयू की स्त्री रोग शाखा, क्वीन मैरी हॉस्पिटल की प्रोफेसर रेखा सचान का कहना है कि यह केस ऐसा था, जिसमें सिजेरियन डिलीवरी नहीं की जा सकती थी, क्योंकि मरीज सांस नहीं ले पा रही थी। उसके शरीर में बहुत अधिक एसिड असंतुलन भी हो गया था। इसके लिए उसके शरीर में पहले एसिड लेवल को स्थिर करना पड़ा। किडनी ट्रांसप्लांट (kidney Transplant) किया। फिर उसे डायलिसिस पर रखा गया और उसके बाद मृत बच्चे को बाहर निकालने के लिए सामान्य प्रसव कराया जा सका।''

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि राज्य में पहली बार डायलिसिस के दौरान किसी मरीज की नॉर्मल डिलीवरी हुई है।फिलहाल, मरीज की हालत और सेहत ठीक है।

Stay Tuned to TheHealthSite for the latest scoop updates

Join us on