... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Published : November 16, 2021 7:10 PM IST
जयपुर में स्कूल खुलने के 24 घंटे बाद ही 2 छात्र कोरोना पॉजिटिव, 4 दिन तक स्कूल को किया गया बंद
देश भर में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच जगह-जगह 100 फीसदी क्षमता के साथ स्कूल खोलने के फैसले किए जा रहे हैं लेकिन ये कितने सही हैं इसपर सवाल उठने लगे हैं। राजस्थान सरकार ने चौबीस घंटे पहले ही शत-प्रतिशत क्षमता के साथ स्कूल खोलने की अनुमति दी थी लेकिन इस फैसले के चौबीस घंटे बाद ही जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह स्कूल में पढ़ने वाले दो छात्र मंगलवार को कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। बच्चों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्कूल प्रबंधन ने अगले चार दिनों के लिए ऑफलाइन पढ़ाई बंद कर दी है।
महाराजा सवाई मानसिंह स्कूल प्रबंधन समिति के एक सदस्य का कहना है कि जो दो बच्चे कोरोना संक्रमितपाए गए हैं उनमें तीसरी और छठी कक्षा में पढ़ने वाले एक भाई-बहन हैं। सोमवार शाम को संक्रमित बच्चों के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन को सूचित किया कि वे कोविड -19 से संक्रमित हो गए हैं, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर अगले चार दिनों के लिए स्कूल बंद रखने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि इन चार दिनों के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी ताकि स्कूल के अन्य बच्चे घर से ही पढ़ाई कर सकें।
इन दोनों स्कूली बच्चों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर के बाद डर पैदा हो गया है। एक अभिभावक पवन ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में बताया कि राज्य सरकार ने जल्दबाजी में शत-प्रतिशत क्षमता वाले स्कूल खोलने का फैसला किया जो बिल्कुल गलत है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब छोटे बच्चों के लिए टीके उपलब्ध नहीं हैं, स्कूल पूरी क्षमता से नहीं खोले जाने चाहिए।
राजस्थान अभिभावक एकता संघ के संयोजक मनीष विजयवर्गीय ने मांग की कि ऑनलाइन शिक्षा पर रोक न लगाई जाए। फिलहाल कोविड-19 का संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में जब तक जमीनी स्तर पर संक्रमण का खात्मा नहीं हो जाता तब तक स्कूली बच्चों को ऑनलाइन मोड में ही पढ़ाई कराई जाए।
उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने 100 फीसदी क्षमता वाले स्कूलों को खोलने का जल्दबाजी में फैसला लिया है। निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाना गलत है। राजस्थान अभिभावक एकता संघ इसका कड़ा विरोध करता है।"