5 में से 2 बच्चे इस विटामिन की कमी का शिकार! जानें किस राज्य में सबसे ज्यादा बच्चे विटामिन की कमी का शिकार

जनवरी 2015 से दिसंबर 2016 के बीच नेशनल फैमिली एंड हेल्थ सर्वे 4 (NFHS-4) के चौथे राउंड के दौरान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 640 जिलों से जुटाया गया।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 1, 2022 1:35 PM IST

भारत में हर पांच में से दो बच्चे विटामिन ए सप्लीमेंट से वंचित रह जाते हैं। इस विटामिन की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद करती है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित एक सर्वे के डेटा के मुताबिक, कुलमिलाकर बात ये है कि 9 से 59 महीनों के 204,645 बच्चों को सर्वे में शामिल किया गया, जिसमें से 123,836 बच्चों ने विटामिन सप्लीमेंट लिया था।

640 जिलों से लिया गया डेटा

जनवरी 2015 से दिसंबर 2016 के बीच नेशनल फैमिली एंड हेल्थ सर्वे 4 (NFHS-4) के चौथे राउंड के दौरान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 640 जिलों से जुटाए गए इस डेटा को आबादी के स्तर पर अध्ययन से लिया गया है।

6 लाख से ज्यादा घर शामिल

अध्ययन में 699,686 महिलाएं और 112,122 पुरुष शामिल हुए थे। इतना ही नहीं देशभर के करीब 601,509 घरों में रहने वाले परिजनों से ये जानकारी इकठ्ठा की गई कि क्या उनके बच्चों ने सर्वे के 6 महीने के भीतर विटामिन ए सप्लीमेंट्स लिया था या नहीं।

किस राज्य में सबसे ज्यादा और किसमें सबसे कम

असम स्थित आईसीएमआर के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर के हेमाटोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. कौस्तुभ बोरा का कहना है कि अध्ययन के मुताबिक गोवा में सबसे ज्यादा बच्चों को विटामिन ए सप्लीमेंट दिया गया (89.5 फीसदी), उसके बाद सिक्किम (84.3 फीसदी), सबसे कम नागालैंड में 29.5 फीसदी, उसके बाद मणिपुर (32.1 फीसदी), उत्तराखंड (36.9 फीसदी), उत्तर प्रदेश (40 फीसदी)। अगर बात करें जिले के हिसाब से तो राजस्थान में 20 फीसदी दर देखी गई।

हाई डोज देने की सलाह

2006 से केंद्र सरकार ने 9 से 59 महीने के सभी बच्चों को विटामिन ए की हाई डोज देने की सलाह दी है।

डॉ. बोरा कहते हैं कि इस अंतर के प्रभाव का पता लगाने के लिए सबूतों के साथ दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है ताकि जिन लोगों को ज्यादा जरूरत है उन लोगों तक विटामिन ए की उचित मात्रा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

5 में से 2 बच्चों को नहीं मिली डोज

बात करें देश भर में योग्य बच्चों की तो हर 5 में से 2 बच्चों को इस अवधि के दौरान विटामिन ए की खुराक नहीं मिली थी या फिर वो वंचित रह गए थे। दुनियाभर में 5 साल से कम उम्र के हर तीन में से एक बच्चा विटामिन ए की कमी से जूझता हुआ पाया गया है। इन बच्चों की अनुमानित संख्या 19 करोड़ है।

नहीं हो पाता है निदान

एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन ए की कमी बच्चों में आम राई जाती है, जिसका निदान ही नहीं हो पाता है और ये खासकर विकासशील राष्ट्रों में अधिक देखने को मिलती है। 5 साल के करीब 30 से 35 फीसदी बच्चे विटामिन ए की कमी कई रूपों में होती है।

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