डब्लूएचओ का दावा 2022 में ये 2 एंटी-वायरल दवाएं कोविड-19 से लड़ने में करेगी मदद, जानें इनके नाम

विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप क्षेत्र के रीजनल डायरेक्टर हांस क्लूग का कहना है कि ये नई दवा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काफी मददगार साबित हो सकती है। जानिए क्या है इनका नाम।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : December 30, 2021 1:39 PM IST

कोरोनावायरस की शुरुआत के बाद से दवा कंपनियां इसके प्रसार और संक्रमण को रोकने के लिए तरह-तरह के उपाय ढूंढ रही हैं। पहले कोरोनावायरस वैक्सीन वायरस के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा हथियार साबित हुई थी तो अब लोगों के बीच कोविड एंटी-वायरल दवा चर्चा का विषय बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप क्षेत्र के रीजनल डायरेक्टर हांस क्लूग के मुताबिक, ये नई दवा 2022 में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काफी मददगार साबित हो सकती है। इतना ही नहीं ये गंभीर रूप से बीमार लोगों में लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है।

कौन सी है ये 2 दवाएं

यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने कोविड-19 के लिए दो एंटी-वायरल दवाओं के प्रयोग की सिफारिश की है, जिसमें पहली है फाइजर की पैक्सलोविड और दूसरी मेर्क की मोलनुपिराविर। हालांकि इन्हें औपचारिक रूप से मंजूरी मिलना बाकी है।

क्लूग ने टास समाचार एजेंसी को बताया है कि मैं उत्साहित हूं कि ये नई एंटी-वायरल दवा 2022 में बाजार में होगी, जो न सिर्फ मरीजों के ठीक होने की क्षमता को बढ़ा देगी बल्कि कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार होने की संभावना को भी कम कर देती है।

इतना खतरा होता है कम

पैक्सलोविड और मोलनुपिराविर इन दोनों ही एंटी-वायरल दवाओं ने कोविड-19 से होने वाली मौत और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को कम कर देती है। बता दें कि ये दोनों दवाएं क्रमश जोखिम को 89 और 30 प्रतिशत तक कम कर सकती हैं।

क्लूग ने जोर देकर कहा कि अगली पीढ़ी की वैक्सीन आने वाले नए वेरिएंट के खिलाफ ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य के बारे में नहीं बता सकता लेकिन इस बात को मान लेना चाहिए कि जो वैक्सीन अभी मौजूद हैं वो पहली पीढ़ी की कोविड वैक्सीन हैं। भविष्य में जो वैक्सीन बनेंगी वो ज्यादा दमदार होंगी और नए वेरिएंट्स से सुरक्षा देने में प्रभावी होंगी।

इंफ्लूएंजा वैक्सीन जैसी नहीं

कोरोना वैक्सीन पहले से मौजूद इन्फ्लूएंजा वैक्सीन से बिल्कुल अलग हैं, जो लगभग हर साल फ्लू के सभी रूपों के लिए लगभग समान ही रहती हैं।

ओमिक्रोन को रोकने में प्रभावी ये दवा

फाइजर का कहना है कि लैब टेस्ट से ये पता चलता है कि पैक्सलोविड तेजी से फैलने वाले ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है। फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौर्ला का कहना है कि हर 100,000 कोविड रोगि, जिन्होंने ये गोलियां ली है, उनमें 1,200 मौतों और 6,000 लोगों को अस्पताल में भर्ती होने से रोका है।

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन ने एक बयान में कहा है कि मोलनुपिराविर को 18 साल से ऊपर के लोगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए मंजूरी प्रदान की गई है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी ये दवाई न लेने की सलाह दी गई है।

कब और कैसे लेनी है ये दवाई

इन दोनों दवाइयों का सेवन कोविड होने के 3 से 5 दिन के भीतर ही करना होता है या फिर इससे जल्दी भी कर सकते हैं। आप 5 दिन तक दिन में दो बार इस गोलियों का सेवन कर सकते हैं।