मेडिकल गलतियों के कारण हर साल 26 लाख लोगों की मौत : डब्ल्यूएचओ

ब्लड ट्रान्सफ्यूशन या एक्स-रे करने में गलती, गलत अंग काटकर निकाल देना या बीमारी वाले हिस्से में सर्जरी न करके मस्तिष्क के गलत हिस्से में सर्जरी कर देने जैसी बड़ी गलतियां सामने आती रहती हैं।

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Written By: IANS | Published : September 14, 2019 5:38 PM IST

चिकित्सकों की गलतियों की वजह से हर साल 13.8 करोड़ से अधिक मरीजों को नुकसान पहुंचता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 'वर्ल्ड पेशेन्ट सेफ्टी डे' world patient safety day मनाने के महज कुछ दिन पहले यह चेतावनी दी है। इस दिवस (world patient safety day) को मनाने का मकसद इस त्रासदी के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाना है।

कई कारण हैं जिम्‍मेदार  

चिकित्सकों की गलतियों के कारण मरीजों की जान जाना भयावह है। इसके प्रति लोगों का जागरुक करने के लिए विश्‍व रोगी सुरक्षा दिवस (world patient safety day) मनाने का संकल्‍प किया गया है।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ की रोगी-सुरक्षा समन्वयक डॉ नीलम ढींगरा-कुमार ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीमारी की सही पहचान नहीं हो पाना, दवा के नुस्खे व इलाज में त्रुटियां और दवाओं का अनुचित सेवन तीन मुख्य कारण हैं कि इतने सारे रोगियों को खामियाजा भुगताना पड़ा है।

अस्‍पताल छिपाते हैं अपनी गलतियां 

विशेषज्ञ ने कहा, "ये गलतियां इसलिए होती हैं क्योंकि स्वास्थ्य प्रणालियां इन त्रुटियों से सही प्रकार से निपटने और उनसे सीखने के लिए उपयुक्त रूप से तैयार नहीं हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई अस्पताल यह छिपाते हैं कि उन्होंने क्या गलत किया है, जो अकसर उन्हें भविष्य में फिर ऐसा न हो इसके लिए उन्हें कदम उठाने से रोकता है।

विकसित देशों में भी है समस्‍या 

डब्ल्यूएचओ द्वारा शुक्रवार को उपलब्ध कराए गए आंकड़े केवल मध्यम और निम्न आर्थिक स्थिति वाले देशों (जहां वैश्विक जनसंख्या का 80 प्रतिशत है) को दर्शाते हैं, जबकि अगर विकसित देशों को ध्यान में रखकर देखा जाए तो वास्तविक संख्या और ज्यादा हो सकती है क्योंकि विकसित देशों में भी, प्रत्येक 10 में से एक मरीज चिकित्सा संबंधी गलतियों का शिकार है।

ये होती हैं गंभीर गलतियां 

इन गलतियों के उदाहरण के तौर पर, उन तरीकों से इलाज किया जाना जिनके लिए वे डिजाइन नहीं किए गए, ब्लड ट्रान्सफ्यूशन या एक्स-रे करने में गलती, गलत अंग काटकर निकाल देना या बीमारी वाले हिस्से में सर्जरी न करके मस्तिष्क के गलत हिस्से में सर्जरी कर देने जैसी बड़ी गलतियां सामने आती रहती हैं। नीलम ने ऐसे कारकों का हवाला दिया जो इस तरह की गलतियों का कारण बनते हैं जैसे कि कुछ अस्पतालों में स्पष्ट हाइरार्की की कमी या कर्मचारियों के बीच पर्याप्त कम्युनिकेशन का अभाव होता है।

जिनेवा आधारित संगठन के अनुसार, दुनिया भर में केवल दवा के गलत नुस्खे के चलते ही हेल्थकेयर सिस्टम को करीब 42 अरब डॉलर (37 अरब यूरो) का नुकसान हुआ है। इन समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस वर्ष से डब्ल्यूएचओ हर साल 17 सिंतबर को 'वर्ल्ड पेशेन्ट सेफ्टी डे' (world patient safety day) (विश्व रोगी सुरक्षा दिवस) मनाएगा।

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