उत्तर प्रदेश में टैटू बनवाने से 14 लोगों को एचआईवी! जानें इस जानलेवा बीमारी से बचने के 3 आसान टिप्स

एचआईवी एक जानलेवा बीमारी है, जिसका पूरा नाम ह्यूमन इम्युनोडिफिशियेंसी वायरस है। ये वायरस आगे चलकर एड्स का कारण बन सकता है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 9, 2022 1:43 PM IST

बीते कुछ दिनों से भारत में एचआईवी के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक स्थानीय टैटू पार्लर से टैटू बनवाने के बाद 14 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। ये घटना उत्तर प्रदेश के वाराणसी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुई की कीमत को बचाने के लिए दुकानदार ने एक ही सुई का इस्तेमाल किया था। इसलिए इस बात का ख्याल रखें कि टैटू बनवाने से पहले नई सुई का ही इस्तेमाल किया जाए। भारत में एचआईवी के 23,18,737 मामले हैं, जिसमें से 81340 बच्चे हैं।

क्या है एचआईवी

एचआईवी एक जानलेवा बीमारी है, जिसका पूरा नाम ह्यूमन इम्युनोडिफिशियेंसी वायरस है। ये वायरस आगे चलकर एड्स का कारण बन सकता है। एचआईवी हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला करता है। अगर इस बीमारी का इलाज न किया जाए तो शरीर में टी कोशिकाओं की संख्या कम होने लगती है। टी कोशिकाएं शरीर को बीमारी से लड़ने में मदद करती हैं और एचआईवी इनमें से बहुत को नष्ट कर देता है, जिसकी वजह से शरीर इस बीमारी के प्रति संवेदनशील हो जाता है। इम्यून सिस्टम के कमजोर हो जानेके कारण बहुत से इंफेक्शन और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

एचआईवी से बचाव के टिप्स

हालांकि, एचआईवी सबसे घातक बीमारियों में से एक है और अगर ये बीमारी एक स्टेज पर पहुंच जाती है तो इसका इलाज न मुमकिन हो जाता है लेकिन कुछ उपायों की मदद से इसे रोका जा सकता है।

1-बरसों से एचआईवी के फैलने का सबसे बड़ा कारण रहा है यौन संबंध। इसलिए आपको असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए, जो कि एचआईवी को फैलने से रोकने का सबसे खास तरीका है।

2-खून चढ़ाने से भी व्यक्ति को एचआईवी हो सकता है। इसलिए बिना जांच के खून चढ़ाने से साफ तौर पर बचना चाहिए। इसके अलावा सिरिंज और दूसरे प्रयोग किए गए उपकरणों से भी एचआईवी फैल सकता है।

3-गर्भावस्था, स्तनपान और प्रसव के दौरान भी मां से बच्चे को एचआईवी हो सकता है, इसलिए सही दवा और उपाय करें, जो बच्चों में एचआईवी को फैलने से रोकेगा।

कैसे बचें एचआईवी से

एचआईवी की रोकथाम के कई तरीके हैं और संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ के संपर्क से भी बचना चाहिए क्योंकि ये संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें। अगर आपको लग रहा है कि एचआईवी के संपर्क में आने की संभावना ज्यादा है तो तुरंत टेस्ट कराएं। शुरू में एचआईवी का उपचार आपके नतीजे को बेहतर बना सकता है और दूसरे लोगों में इसके फैलने को रोक सकता है। अगर आप पहले से ही एचआईवी के संपर्क में आ चुके हैं तो एंटीरेट्रेवायरल थेरेपी और रोजाना दवाइयां लें। ये थेरेपी एचआईवी को पूरी तरह से ठीक नहीं करती है लेकिन शरीर में वायरस के लोड को कम करने का काम करती है।

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