दक्षिणी कन्नड़ में मलेरिया के मामलों में आई 13 % की गिरावट, जानें इसके लक्षण और बचाव

दक्षिणी कन्नड़ के डिस्ट्रिक्ट वेक्टर-बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि जिले में इस वर्ष मलेरिया के मामले में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

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Written By: Anshumala | Published : November 20, 2018 10:42 AM IST

दक्षिणी कन्नड़ में मलेरिया के मामलों में इस साल गिरावट आई है, इस बात की घोषणा जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने की है। डिस्ट्रिक्ट वेक्टर-बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि 3,331 मलेरिया के मामले अक्टूबर 2018 तक दर्ज किए गए थे, जबकि 2017 में इसी अवधि में, मंगलुरू सिटी कॉरपोरेशन लिमिट्स के बाहर 3,853 मामले दर्ज किए गए थे। इस मुकाबले मलेरिया के मामले में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंजाया शेट्टी ने भी कहा कि निगम की सीमाओं में मलेरिया के मामलों में गिरावट आई है। अक्टूबर-2017 तक मलेरिया के 5,240 मामले पंजीकृत थे, जबकि साल के कुल आंकड़ों की बात करें तो यह एमसीसी लिमिट्स में 8,075 केसेज थे।

‘मलेरिया’ प्रचलित संक्रामक रोगों में से एक है। मलेरिया बुखार, कंपकपी के साथ होता है और इसका मुख्य कारण है मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर। मलेरिया रोग के लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के 10 से 12 दिनों के बाद प्रकट होते हैं। ऑफिस में रखना है खुद को फिट, तो काम के साथ यूं करें वर्कआउट

इसके लक्षण

- कंपकपी के साथ सामान्य या तेज बुखार।

- तेज सिरदर्द, पेट दर्द या उल्टी।

- भूख ना लगना।

- लीवर की असामान्यता के कारण रक्त शर्करा में कमी होना, जिससे हाइपोग्लाकइसीमिया के लक्षण प्रकट होते हों।

- मलेरिया के लक्षणों का अनुभव होते ही तुरंत चिकित्साक से संपर्क करें और रक्तजांच कराएं।

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मलेरिया से यूं करें बचाव

- आपको कई दिनों से तेज बुखार आ रहा है, तो रक्ताजांच जरूर कराएं।

- खुद से कोई भी मलेरिया की दवाई ना लें ।

- मलेरिया में एस्प्रिन, डिस्प्रीन और ब्रुफेन जैसी दवाएं ना लें क्योंकि इनसे पेट दर्द हो सकता है।

- बुखार होने पर पैरासिटामोल लिया जा सकता है।

- मलेरिया की पुष्टि होने पर कुछ दिनों तक संतरे का जूस लें।

- बुखार के कम होने पर मरीज को ताजे फलों का सेवन शुरू कर देना चाहिए।

- अधिक तापमान होने पर मरीज को ठंडा सेंक दें। यह सेंक हर 3 से 4 घंटे पर दिया जा सकता है।

- मलेरिया से बचने का उपाय है मच्छरों से बचना। अपने घर के आसपास पानी जमा ना होने दें और बुखार होने पर लापरवाही ना करें।

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