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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 3, 2022 12:33 PM IST
केरल में जूनोटिक बीमारियां (zoonotic diseases) का मामला बड़ी तेजी से सामने आ रहा है। यहां का वातावरण ऐसा हो गया है कि जानवरों से होने वाली बीमारियां आम लोगों की जान ले रही है। खबर है कि केरल के कोझीकोड के उल्लियरी इलाके में एच1एन1 इंफेक्शन( H1N1 infection) से 12 साल की एक बच्ची की मौत (12 year old girl died of H1N1 infection in Kerala) हो गई है। दरअसल, बेंगलुरु से लौटने के बाद बच्ची में स्वाइव फ्लू के कुछ लक्षण दिखे। फिर लड़की का इलाज चल रहा था और इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। लेकिन, एच1एन1 इंफेक्शन की पुष्टि उसके मौत के बाद मेडिकल जांच में हुई।
लड़की को पहले कोझीकोड के कोयिलैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में, उसे कोझीकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। बच्ची की जुड़वां बहन को भी एच1एन1 होने का पता चला है। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।
स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा (H1N1) वायरस से फैलने वाला वायरल इंफेक्शन है जो कि हवा में भी फैलता है। जैसे कि ये खांसने और छींकने या फिर रोगी से किसी भी संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके अलावा खाने-पीने की चीजें से भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। प्रारंभिक रूप से ये बीमारी सूअर के कारण फैली थी। बच्चे, बुजुर्ग और किसी पुरानी बीमारी वाले लोग लोग इस संक्रमण से आसानी से शिकार हो सकते हैं।
स्वाइन फ्लू की शुरुआत में इसके लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इसके शुरुआती लक्षणों में व्यक्ति को बुखार, गले में खराश, खांसी, नाक बहना, भूख ना लगना, थकान महसूस होना, उल्टी और चक्कर आना या बेहोशी आदि महसूस हो सकता है।
इसलिए इससे बचने का एक तरीका यही है कि आप इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें और डॉक्टर को दिखाएं और टेस्ट करवाएं। इसके अलावा छींकते और खांसते वक्त नाक और मुंह ढक लें,मास्क पहनें और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।