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Written By: Atul Modi | Updated : September 27, 2021 6:01 PM IST
रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (RSSDI) विश्व हृदय दिवस (29 सितंबर, 2021) के उपलक्ष्य पर मधुमेह के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पूरे देश में 10 लाख लोगों लोगों के ब्लड शुगर का परीक्षण करेगी। इस तरह का यह पहला प्रयास है जो इतिहास रचने जा रहा है। इस इवेंट को एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. अमित गुप्ता (निदेशक, सेंटर फॉर डायबिटीज केयर) ने बताया आरएसएसडीआई- आर्ट ऑफ लिविंग और रोटरी इंडिया, के साथ मिलकर विश्व हृदय दिवस यानी आगामी 29 सितंबर, 2021 को एक दिन में 10 लाख लोगों का ब्लड शुगर टेस्ट करेगा।
आम जनता में हृदय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 29 सितंबर, 2021 को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। मधुमेह और हृदय रोग का घनिष्ठ संबंध अच्छी तरह से सिद्ध है। हृदय रोगों के होने का एक प्रमुख कारण डायबिटीज भी है।
यह मेगा-इवेंट, जिसे आधिकारिक तौर पर "वन नेशन, वन डे, वन मिलियन ब्लड शुगर टेस्टिंग" का नाम दिया गया है, अपनी तरह का पहला आयोजन होगा। कार्यक्रम के पूर्व संध्या 28 सितंबर, 2021 मंगलवार को आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर इसका वर्चुअल उद्घाटन गणमान्य व्यक्तियों के उपस्थिति में होगा। इस समारोह में रोटरी इंटरनेशनल के अध्यक्ष शेखर मेहता ओर इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ ऐंड्रू बूलटोन भी मौजूद रहेंगे।
डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के लिए पूरे देश में दस हज़ार से भी ज़्यादा साइट्स बनाई गयी है। बात की जाए गौतमबुद्ध नगर की तो यहां पचास से ज्यादा स्थानों पर (जिसमें प्रमुख रूप से परी चौक, वेनिस मॉल, अंसल प्लाजा,साईट- 5, औद्योगिक क्षेत्र, जगत फार्म, सूरजपुर, कुलेसरा, अल्फा 2 मार्केट, अल्फा 1 कमर्शियल बेल्ट, विभिन्न सोसाइटी, सरकारी प्रतिष्ठान, नोएडा में बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर 37 नोएडा, जीआईपी मॉल आदि होंगे) दस हज़ार से ज़्यादा लोगों के ब्लड शुगर टेस्ट का लक्ष्य रखा गया है। गौतमबुद्ध नगर में इस अभियान का शुभारम्भ अल्फा कमर्शियल बेल्ट में होगा।
इसके अलावा घर बैठकर भी इस अभियान का हिस्सा बना जा सकता है। इसके लिए आपको 29 सितम्बर को ग्लूकोमीटर से टेस्ट करते हुए फ़ोटो खींचकर वेबसाइट defeatdiabetes.online पर जा कर अपलोड करना होगा।
डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कोविड-19 महामारी ने हमें सिखाया है कि अनियंत्रित मधुमेह एक गंभीर बीमारी हो सकती है, जिससे COVID-19 के रोगियों में गम्भीर समस्याएं पैदा हुई। बात की जाए भारत की तो वर्तमान में यहां मधुमेह से लगभग 77 मिलियन लोग पीड़ित हैं। लगभग इतने ही लोगों को प्री-डायबिटीज यानी के मधुमेह होने का ख़तरा है।
प्रेसवार्ता के दौरान विमल अग्रवाल, अजय कुमार और रोहित प्रियदर्शन आदि गणमान्य मौजूद रहे।