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2020 में फैलने वाले कोविड की वजह से सबसे अधिक बुजुर्ग प्रभावित हुए। यह देखने को मिला है कि अधिकतर संक्रमित बुजुर्गों को ठीक होने के बाद भी उपचार की जरूरत पड़ रही है, इसे लॉन्ग कोविड कहा जाता है, जिसके लक्षण ठीक होने के बाद भी कई महीनों तक देखने को मिलते हैं।
लॉन्ग कोविड कई मुख्य ऑर्गन जैसे किडनी, लीवर फेफड़े और दिल प्रभावित हो रहे हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुई एक रिसर्च के मुताबिक 65 वर्ष से अधिक उम्र के संक्रमित लोगों को पहली बार कोविड होने के 21 दिन बाद ही दुबारा इसके लक्षण देखने को मिले।
ऐसे लोगों में रेस्पिरेटरी फेलियर, थकान होना, ब्लड प्रेशर का बढ़ना और मानसिक सेहत से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। अगर इससे कम गंभीर लक्षणों की बात करें तो उनमें रेस्पिरेटरी फेलियर, डिमेंशिया और थकान आदि जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं।
जिन बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ रही थी यह स्थितियां भी उनमें ही अधिक देखने को मिल रही है। अधिकतर यह स्थिति 75 से ज्यादा उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है। हालांकि सारी ही स्थितियां कोविड के कारण ही रिप्रेजेंट नहीं हो रही थी।
हालांकि, लोग इन स्थितियों से रिकवर भी होते जा रहे थे। इसलिए ऐसे लोगों को अगर कोई स्थिति शरीर में महसूस होती है तो आपको डॉक्टर के पास जा कर डायग्नोसिस करवाना चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह स्थिति कोविड के कारण ही उत्पन्न हो रही हैं या इनका कारण कोई और ही चीज है।
यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है इसलिए इससे अधिक स्पष्ट नतीजे नहीं निकाले जा सकते हैं। इस स्टडी में कुछ खामियां भी पाई जा सकती हैं।