
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 20, 2025 6:40 PM IST
Thyroid treatment with naturopathy: थायराइड की बीमारी एक लाइफस्टाइल डिजिज है और बीते कुछ वर्षों में यह बीमारी बहुत ही तेजी से फैली है। विशेषकर महिलाओं में थायराइड की बीमारी अधिक देखी जाती है और इसके परिणाम भी काफी गम्भीर होते हैं। दरअसल, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड की बीमारी होने का रिस्क अधिक होता है और 30 साल जैसी छोटी उम्र में भी महिलाओं को थायराइड की बीमारी हो सकती है। थायराइड हो जाने के बाद पेशेंट को पूरी जिंदगी इसकी दवा खानी पड़ सकती है और कई तरह की सावधानियां भी बरतनी पड़ सकती हैं। हालांकि, लम्बे समय तक दवाएं लेने से किडनी डैमेज और अन्य तरह के साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। वहीं, जैसे-जैसे बीमारी पुरानी होने लगती है वैसे-वैसे दवा का असर कम होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
थायराइड के सुरक्षित और असरदार तरीके से मैनेजमेंट के लिए नेचुरोपैथी का सहारा लिया जा सकता है। जैसा कि नेचुरोपैथी में मरीजों को प्राकृतिक तरीकों की मदद से आराम पहुंचाने और बीमारी के इलाज की कोशिश की जाती है, इसीलिए, संभावना अधिक है कि नेचुरोपैथी में मरीजों में इलाज के साइड-इफेक्ट्स कम ही दिखायी दें। आइए जानते हैं कि नेचुरोपैथी की मदद से थायराइड का इलाज कैसे किया जाता है और क्या हैं थाइराइड मैनेजमेंट के सही तरीके।
थायराइड की बीमारी गर्दन में स्थित थायराइड ग्लैंड से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण होने वाली समस्या है। जब थायराइड ग्लैंड बहुत अधिक सक्रिय हो जाता है या ठीक तरीके से काम नहीं करता तो ऐसे में शरीर में अलग-अलग तरह की समस्याएं दिखायी देने लगती हैं। थायराइड ग्लैंड के ठीक तरीके से काम ना करने पर इस तरह के लक्षण दिखायी दे सकते हैं-
शक्कर या चीनी थायराइड की समस्या बढ़ा सकता है। इसीलिए, थायराइड कंट्रोल करने के लिहाज से शक्कर से परहेज करने की सलाह दी जाती है। शक्कर खाना छोड़ने से शरीर में इंफ्लेमेशन भी कम होता है और थायराइड ग्लैंड की सक्रियता भी कम होती है।
गेहूं और राई जैसे अनाजों में पाया जाने वाला ग्लूटेन थायराइड हार्मोन्स के स्तर में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है। इसीलिए, ग्लूटेन-फ्री खाना खाने की सलाह थायराइड में दी जाती है।
अपनी डाइट में आयोडीन रिच फूड्स को शामिल करें। आयोडिन थायराइड ग्लैंड को काम करने में सहायता करता है। आयोडिन के लिए आप ये फूड्स खा सकते हैं-
थायराइड को नेचुरली ठीक करने के लिए एक्यूपंचर की मदद भी ली जाती है। इस तरह की चिकित्सा पद्धति में मरीज को एक्यूपंचर कराना पड़ता है। इससे शरीर में दर्द और थायराइड के अन्य लक्षणों से राहत दिलाने की कोशिश की जाती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।