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Written By: Atul Modi | Published : May 3, 2024 6:58 AM IST
अगर आपकी नाक अक्सर बंद रहती है या फिर आप साइनस, कफ, एलर्जी, सर्दी-जुकाम आदि से परेशान रहते हैं तो जल नेति क्रिया (Jal Neti Kriya) आपके लिए बेस्ट है। यह नैचरोपैथी ट्रीटमेंट आपको तुरंत राहत दिलाता है। यह नाक और साइनस मार्गों को साफ करती है, जिससे आपका रेस्पिरेटरी सिस्टम मजबूत होता है। नेति क्रिया सिरदर्द, माइग्रेन और टेंशन से राहत दिलाने में भी मदद कर सकती है। इतना ही नहीं यह मेंटल हेल्थ के लिए भी अच्छी है। जल नेति से टेंशन, एंग्जायटी, डिप्रेशन दूर करने में मदद मिलती है। यह एंडोर्फिन की रिलीज को बढ़ती है, जिससे आप पॉजिटिव फील करते हैं। नेति क्रिया जितनी इंपोर्टेंट है, उतना ही जरूरी है इसके लिए सही नेति पॉट (Jal Neti Pot) लेना।
नेति पॉट सिरेमिक या धातु का एक बर्तन होता है जिसका उपयोग नाक में एक धार से नमक मिला पानी डालने के लिए किया जाता है। इसे खासतौर पर नाक के अनुसार ही डिजाइन किया जाता है। यह नेति क्रिया का सबसे इंपोर्टेंट हिस्सा है। नेति क्रिया नाक और साइनस मार्गों को साफ करने का एक प्राचीन आयुर्वेदिक अभ्यास है। इससे कंजेशन दूर होता है। साथ ही साइनसाइटिस और एलर्जी से भी राहत मिलती है। सही पॉट के बिना यह काम आसानी से नहीं हो सकता।
नाक बंद होना भले ही बहुत सामान्य सी बात लगे, लेकिन असल में यह कई रोगों का कारण है। इससे अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, लंग्स की प्रॉब्लम, एलर्जी आदि हो सकती है। नेति क्रिया इससे आपको राहत दिलाती है। नेति पॉट बलगम को साफ करने में मदद करता है। यह काफी सुविधाजनक होता है। नेति पॉट यूज करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
1. नेति पॉट हमेशा मीडियम साइज का चुनें, जिससे आप इसे आसानी से यूज कर सकें। पॉट इतना बड़ा हो, जिसमें पर्याप्त पानी आ सके। ज्यादा भारी पॉट के कारण आपको परेशानी हो सकती है।
2. नेति पॉट का उपयोग करने के लिए, इसे गुनगुने, नमक के पानी से भरा जाता है। उपयोग में लेने से पहले नेति पॉट को बैक्टीरिया फ्री करना जरूरी है। इसके लिए सेलाइन पैकेट का यूज करें।
3. सारा सामान इकट्ठा करने के बाद सिंक के ऊपर खड़े हो जाएं। अपने सिर को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं। नेति पॉट के सिरे को एक नॉस्ट्रिल में डालें। फिर धीरे-धीरे इसमें नमकीन पानी डालें।
4. घोल को अपने नॉस्ट्रिल-वे से बहने दें। इस दौरान मुंह से सांस लेते हुए दूसरी नॉस्ट्रिल से पानी को बाहर निकलने दें। इस प्रक्रिया को दोनों नॉस्ट्रिल से दोहराएं। ऐसा करने से नाक का सारा बलगम बाहर निकल जाता है।
नेति पॉट खासतौर पर नॉस्ट्रिल में पानी डालने के लिए डिजाइन किया जाता है। यह नाक में जमे बलगम को बाहर निकाल देता है। जिससे आप बेहतर तरीके से सांस ले पाते हैं। इससे साइनस का दबाव कम होता है। वहीं नमक का पानी नाक के डैमेज और ड्राई टिश्यू को मॉइस्चराइज और रिलैक्स करता है। अगर आप किसी एलर्जी से परेशान हैं और छींकते-छींकते थक गए हैं तो भी नेति क्रिया आपके काम आएगी। यह बैक्टीरिया को कम करने में मददगार है।