
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 12, 2025 6:47 PM IST
किडनी स्टोन्स या किडनी में पथरी बनने की समस्या पहले जहां एक निश्चित उम्र के बाद ही होथी थी वहीं अब कम उम्र में भी लोगों में किडनी स्टोन्स की समस्या देखी जा रही है। किडनी स्टोन्स के कारण लोगों में तेज दर्द और असुविधा हो सकती है। किडनी में पथरी बनने के पीछे लाइफस्टाइल और डाइट से जुड़ी गलतियां मुख्या कारण हैं। वहीं, शरीर में कुछ पोषक तत्तों की अधिकता और कुछ न्यूट्रिएंट्स की कमी के कारण भी किडनी स्टोन्स (Kidney stone nutrients) की परेशानी हो सकती है। जैसे शरीर में साइट्रेट, विटामिन बी 6 (Vitamin B6), मैग्नीशियम की कमी (Magnesium Deficiency) से किडनी स्टोन्स का खतरा बढ़ जाता है। किडनी में पथरी बन जाने के बाद इस तरह के लक्षण दिखायी दे सकते हैं-
किडनी स्टोन्स के इलाज के लिए जहां एलोपैथी में कुछ दवाएं उपलब्ध हैं वहीं, पथरी से बचाव, राहत और इसके रिकवरी के लिए नेचुरल तरीकों की मदद लेना अधिक कारगर और फायदेमंद साबित हो सकता है। नेचुरोपैथी में किडनी स्टोन्स के लक्षणों को पहचानने के साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखना शुरू कर देने की सलाह दी जाती है। कुछ चीजों से परहेज और कुछ नियमों का पालन करने से नेचुरोपैथी की मदद से किडनी स्टोन्स की समस्या से आराम मिल सकता है।
शरीर में पानी की कमी के कारण किडनी स्टोन्स की समस्या गम्भीर होती है। कम मात्रा में पानी पीने से किडनियों के लिए पेशाब को फिल्टर कर पाने में दिक्कत आ सकती है। यूरिन धीरे-धीरे क्रिस्टल्स में बदलने लगता है। यही क्रिस्टल्स किडनी स्टोन्स में बदल जाते हैं। अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं तो इससे यूरीन पतला होने लगता है और किडनी स्टोन्स भी घुलने लगते हैं। दिव में 8-10 गिलास जरूर पिएं। अगर आप एक बार में ज्यादा पानी नहीं पी सकते तो हर एक घंटे में एक गिलास पानी पिएं।
अपनी डाइट में कुल्थी की दाल को शामिल करें। कुल्थी या हॉर्स ग्राम (Horse Gram) पथरी की समस्या में एक नेचुरल दवा की तरह काम करती है। इससे किडनी स्टोन्स बनने की प्रक्रिया धीमी होती है और यह स्टोन्स को पिघलाने में भी मदद करता है।
इसके अलावा खट्टे फलों और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का सेवन करें जो किडनी स्टोन्स की समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशन उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।