
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 25, 2025 5:35 PM IST
Managing migraine with Naturopathy: माइग्रेन की वजह से होने वाला सिरदर्द किसी भी व्यक्ति को पूरी तरह से कमजोर कर सकता है। माइग्रेन में सिर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द के साथ-साथ गर्दन और कंधे में भी दर्द होता है। वहीं, माइग्रेन में मरीज को उल्टी (Vomit) और उबकाई (Nausea) भी होती है। वहीं, किसी प्रकार की तेज रोशनी और तेज आवाज के कारण भी लोगों को तकलीफ हो सकती है। माइग्रेन के मरीजों का यह दर्द अलग-अलग कारणों से ट्रिगर (Migraine triggers) हो सकता है जैसे रात में देर से सोने, तय समय पर खाना ना खाने या मौसम बदलने के कारण भी माइग्रेन की परेशानी बढ़ सकती (Causes of migraine) है।
माइग्रेन से आराम पाने के लिए जहां भरपूर आराम और दवाओं की जरूरत पड़ती है। वहीं, नेचुरोपैथी जैसी आल्टरनेटिव ट्रीटमेंट्स भी माइग्रेन से आराम दिलाने में कारगर साबित हो सकती हैं। नेचुरोपैथी की मदद से माइग्रेन की समस्या को मैनेज करने के कुछ कारगर उपाय (Migraine se araam ke upay) आप पढ़ें यहां।
अधिकांश मामलों में डिहाइड्रेशन की वजह से माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है। डिहाइड्रेशन या शरीर में पानी की कमीमाइग्रेन का एक कॉमन ट्रिगर है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आपको अधिक से अधिक मात्रा में पानी पिएं। रोजाना दिन में थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी पिएं। दिनभर में 8-10 गिलाप पानी पीने के साथ-साथ आप फ्रूट जूस, छाछ (Butter milk) और नारियल पानी (Coconut water) भी पी सकते हैं। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती है। इस तरह माइग्रेन से बचा जा सकता है।
माइग्रेन की समस्या होने पर आराम और खुद को फ्रेश रखने के लिए अगर आप कॉफी या चाय पी सकते हैं। चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या से आराम दिला सकता है। आप दिन में एक से दो कप चाय-कॉफी पी सकते हैं। दरअसल, कैफीन नसों को आराम दिलाता है और नसों का तनाव कम करता है जिससे माइग्रेन की समस्या भी कम होती है। लेकिन, बहुत अधिक मात्रा में चाय या कॉफी ना पिएं क्योंकि, इसकी लत लग सकती है और आपको डाइजेशन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
कभी-कभी, मौसम बदलने के साथ ही आपको माइग्रेन की समस्या हो सकती है। ऐसे में आपको मौसम बदलने पर अपना ध्यान रखना चाहिए। आप उन फूड्स का सेवन ना करें जिनसे आपका माइग्रेन बढ़ता है। इसी तरह सुस्ती और उदासी भरे मौसम में खुद को हेल्दी और मोटिवेटेड रखने के लिए सही तरह के कपड़े पहने और खुद को हाइड्रेटेड रखें। बरसात औऱ सर्दी के दिनों में गर्म सूप या चाय और कॉफी पीकर भी खुद को एनर्जेटिक रख सकते हैं।
नींद की कमी से माइग्रेन की समस्या बढ़सकती है। अगर आप देर रात तक जागते हैं या कम समय तक सोते हैं तो इससे माइग्रेन शुरू हो सकता है। इसीलिए, आप रोजाना 7-8 घंटें की नींद सोएं।
तनाव माइग्रेन का एक बड़ा ट्रिगर है। ऐसे में आप तनाव को कम करने के उपाय करें। स्ट्रेस कम करने के लिए योग और प्राणायाम का अभ्यास करें। सही डाइट और एक्सरसाइज रूटीन फॉलो करेंं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।