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Written By: Anshumala | Updated : January 5, 2020 3:50 PM IST
पेचिश रोग, इसके लक्षण और घरेलू उपचार के बारे में जानें। © Shutterstock.
अक्सर लोग बाहर से आते हैं और बिना हाथ पानी-साबुन से साफ किए कुछ भी खाना शुरू कर देते हैं। यह आदत बच्चों के साथ बड़ों में भी होती है। बिना हाथ धोए खाना, पानी कम मात्रा में पीना, शौचालय से आने के बाद साबुन से हाथ ना धोना खासकर के वेस्टर्न टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद, साफ-सुरक्षित पानी ना पीना, साफ-सफाई का ध्यान ना रखना आदि से पेचिश या आंव (Dysentery) की समस्या हो जाती है। पेचिश (मरोड़ या आंव) एक आंत में होने वाला संक्रमण है, जो खूनी दस्त का कारण बनता है। कुछ मामलों में मल के साथ बलगम भी आता है। यह आमतौर पर 3 से 7 दिनों तक रहता है। यह बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी कीड़े या प्रोटोजोआ के संक्रमण की वजह से होता है। पेचिश होने पर अंतों में टीस, ऐंठन, मरोड़ और दर्द की समस्या होती है।
पेचिश (Dysentery problem) में अंतड़ी के निचले हिस्से में थोड़ी-सी सूजन हो जाती है। मल के साथ आंव या खून निकलने लगता है, जिसे आयुर्वेद में रक्तातिसार कहते हैं। बार-बार दस्त तथा पेट में ऐंठन-भरा दर्द होता है। कुछ लोगों को बार-बार शौच होता है और मल के साथ आंव तथा कभी-कभी खून भी निकलता है। इसमें बडी आंत में सूजन और घाव हो जाते हैं। शरीर में पानी की कमी हो जाती है। कई बुखार भी हो जाता है तथा अधिक उग्र होने पर लीवर भी प्रभावित हो जाता है।
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अगर आपको पेचिश के लक्षण नजर आते हैं, तो डॉक्टर को दिखाएं। समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो पेचिश आपके शरीर में गंभीर निर्जलीकरण (dehydration) का कारण बन सकता। डॉक्टर आपसे कुछ सवाल पूछ सकता है जैसे आप हाल में कहीं यात्रा पर तो नहीं गए थे, दूषित खाना या पानी तो नहीं पिया था आदि। इस जानकारी के आधार पर डॉक्टर आपके लक्षणों के संभावित कारणों को कम करने में मदद करता है। एंटीबायोटिक दवाओं से इसका इलाज संभव है।
अनार और इसका छिल्का पेचिश से छुटकारा दिला सकते हैं। © Shutterstock.
- अनार और इसका छिल्का पेचिश से छुटकारा दिला सकते हैं। इसके लिए लगभग 60 ग्राम अनार के छिल्का लें। इसे 250 एमएल दूध में उबालें। जब दूध उबलते हुए एक तिहाई बच जाए, तब इसे नियमित अंतराल के बाद दिन में कम से कम तीन बार सेवन करें। यह मिश्रण आंव से राहत दिलाएगा।
- पेचिश बीमारी अधिक दिनों तक रहना ठीक नहीं है। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
- जामुन का रस दो चम्मच, गुलाब जल दो चम्मच, थोड़ी-सी चीनी तीनों को मिलाकर रोगी को पिलाएं। खूनी पेचिश में रामबाण औषधि की तरह काम करता है।
- जामुन की पेड़ की बीस ग्राम छाल लें। उसे कूट लें। उसे एक कप पानी में उबालें। पानी जब आधा रह जाए तो इसमें शहद मिलाकर पिलाएं।
- सूखे आंवले को रात में भिगो दें। सुबह होते ही आंवले का सेवन करने के लिए मरीज को दें।
- तेज मसालेदार भोजन की जगह तरल भोजन लेना उपकारी है।
- थोड़े से जीरे को तवे पर भून लें। अब इसमें दो चुटकी सेंधा नमक मिलाएं। इसे छाछ के साथ सेवन करने के लिए दें। पेचिश में आराम होगा।
- नींबू के पत्तों को पीसकर, उसमें थोड़ी-सी चीनी मिलाकर सेवन कराना भी राहत पहुंचाता है। यह दवा आंव तथा बवासीर दोनों के लिए लाभदायक है।
- हरा धनिया और चीनी धीरे-धीरे चबाकर खाने के लिए दें। पेचिश में फायदा होगा।
- एक चम्मच सोंठ व दो चम्मच त्रिफला लेकर काढ़ा बना लें। इसे पीने के लिए मरीज को दें।