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Written By: akhilesh dwivedi | Published : October 14, 2018 7:45 PM IST
पायरिया का आयुर्वेदिक इलाज। © Shutterstock
पायरिया की समस्या से दांतों की हालत गंभीर तो होती ही है साथ में पाचन तंत्र भी खराब होने लगता है। पायरिया दांतों की एक गंभीर समस्या है। पायरिया से दांतों के आस-पास की मांसपेशियों में इंफेक्शन हो जाता है। इसकी वजह से दांत खराब होने लगते हैं और जड़ों तक इंफेक्शन पहुंचने पर दांत गिरने भी लगते हैं। सामान्यतया यह समस्या मसूड़ों में जीवाणुओं का हमला है जो अपना घर बना लेते हैं। अगर इसका समुचित इलाज न किया जाय तो स्वस्थ्य इंसान को भी कई तरह की और बीमारियां होने लगती है। मुंह की स्वस्थ्य हालत ही इंसान को स्वस्थ रखती है। इसके इलाज में प्रायः आयुर्वेदिक इलाज ही असरदार होता है। तो आइए जानते हैं पायरिया को दूर करने के लिए बेहतर आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं ?
नीम की पत्तियां
नीम की पत्तियों को आयुर्वेद में सर्व रोग हारिणी के नाम से जाना जाता है। पायरिया के इलाज में इसका उपयोग करने की एक विशेष विधि है। इसके लिए सबसे पहले आप नीम की पत्तियों को सूखाकर जला लें और कोयले के चूर्ण में कपूर के साथ मिलाकर एक पाउडर बनाकर रख लें। इस पाउडर को रोजाना रात में लगाकर सोने से पायरिया कुछ दिनों में ठीक होने लगता है।
सरसों का तेल और सेंधा नमक
पायरिया की समस्या से एक दिन में छुटकारा नहीं मिल सकता है। इसके लिए कई दिनों तक प्रयास करना होता है। पायरिया के लिए सरसों का तेल और सेंधा नमक का इस्तेमाल बहुत ही प्रभावी होता है। सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलकार दांतों और मसूड़ों की मसाज रोजाना करना चाहिए।
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कच्चे अमरुद
कच्चे अमरूद में फाइबर और विटामिन सी होता है जिसके सेवन से दांतों में मजबूती आती है और ठीक से मसाज व सफाई भी हो जाती है। रोजाना खाना खाने के कुछ देर बाद एक अमरुद का सेवन दांतों से पायरिया को दूर कर सकता है।
अरंडी का तेल
अरंडी का तेल, कपूर और शहद मिलाकर एक पेस्ट बना लें और रोजान सुबह नीम के दातुन के साथ पेस्ट की तरह उपयोग करें। कुछ दिनों तक इसका इस्तेमाल करने से राहत मिलती है। पायरिया के इलाज के लिए यह एक बेहतर इलाज माना जाता है।