जानें, कान के कारण क्यों हो सकता है माइग्रेन ?

माइग्रेन से पीड़ित लोगों को कान बजने की शिकायत के साथ-साथ कान के भीतरी हिस्से में कोई विकार भी हो सकता है।

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Written By: Editorial Team | Published : July 14, 2018 10:42 AM IST

माइग्रेन के रोग में सिर के आधे भाग में दर्द होता है। इसके कारण लोगों के मानसिक स्तर पर भी प्रभाव पड़ता है। माइग्रेन के शिकार लोगों का जीवन आसान नहीं होता है, इसके कारण लोग सही तरीके से कोई भी काम नहीं कर पाते हैं।

हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि जो लोग माइग्रेन के शिकार होते हैं उनके कान के तंत्रिका तंत्र में भी खराबी होती है। माइग्रेन से पीड़ित लोगों को कान बजने की शिकायत के साथ-साथ कान के भीतरी हिस्से में कोई विकार भी हो सकता है। माइग्रेन में आधे सिर में दर्द की शिकायत होती है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि कान की तंत्रिका में खराबी के कारण माइग्रेन की शिकायत हो सकती है। खासतौर से माइग्रेन के मरीजों में कान बजने की शिकायत ज्यादा होती है। माइग्रेन के मरीजों में कान की विकृति माइग्रेन रहित लोगों की तुलना में 12.2 फीसदी अधिक पाई गई।

ताईवान के डलिन त्जू ची अस्पताल के जुएन हाउर व्हांग समेत शोधकर्ताओं ने कहा, "शोध से कान की तंत्रिका यानी कॉक्लीयर माइग्रेन के बारे में पता लगाने में मदद मिल सकती है।"

कान की तंत्रिका संबंधी विकृति से कान का भीतरी हिस्सा प्रभावित होता है। इसी हिस्से में झनझनाहट या कान बजने की शिकायत होती है जिसे सेंसोरीन्यूरल हियरिंग इंपेयरमेंट कहते हैं। इससे अचानक बहरापन भी पैदा हो सकता है।

यह शोध जामा ऑटोलेरिंगोलोजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध में शामिल लोगों में 1,056 मरीज शामिल थे, जिन्हें माइग्रेन की शिकायत थी। इसके अलावा टीम में 4,224 लोग ऐसे थे जिन्हें माइग्रेन की शिकायत नहीं थी।

स्रोत: IANS Hindi.

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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