Bigg Boss फेम अनुराग डोभाल ने शेयर किया 'Last Vlog', परिवार ने किया मेंटली हैरेस, बोले- जीने लायक नहीं छोड़ा

Youtuber Anurag Dobhal: परिवार द्वारा मानसिक उत्पीड़न और 1 साल से मेंटल हैरेसमेंट झेल रहे उत्तराखंड के यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने अपना आखिरी व्लॉग शेयर किया है। यह क्यों चर्चा में है, आइए जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Updated : March 5, 2026 8:12 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Malini Saba

Youtuber Anurag Dobhal Ki Video Mai Kya Hai: हाल में इंटरनेट पर एक खबर बहुत ही ज्यादा देखी, सुनी और पढ़ी जा रही है। यह खबर अनुराग डोभाल से जुड़ी है। आइए पहले आपको इनके बारे में बताते हैं। आपको बता दें अनुराग डोभाल उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले एक लोकप्रिय मोटोव्लॉगर हैं। सोशल मीडिया पर वह 'UK07 Rider' के नाम से जाना जाते हैं। उन्होंने बाइक पर व्लॉगिंग से अपनी पहचान बनाई और 2023 में Bigg Boss 17 में भी हिस्सा लिया। इन दोनों ही चीजों से उन्हें खूब फेम मिल।

अब बात करते हैं अनुराग के चर्चा में आने की। दरअसल उन्होंने बीते दिन (4 फरवरी 2026 को) अपने यूट्यूब चैनल पर 'द रियल स्टोरी ऑफ माई लाइफ' टाइटल से एक वीडियो अपलोड की, जिसे उन्होंने अपना लास्ट व्लॉग बताया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि उन्हें परिवार की तरफ से मानसिक रूप से परेशान किया गया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में अनुराग को कई ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा जिसने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ा है। आइए उनकी वीडियो और मानसिक स्थितियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

आखिर क्या कहा अनुराग डोभाल ने अपने ‘Last Vlog’ में?

पर्सनल यूट्यूब चैनल पर शेयर की गई वीडियो में अनुराग ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से कुछ लोग उन्हें मैंटली हैरेस कर रहे थे। उनका कहना है कि इस दौरान उनके रिश्तों, परिवार और आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ा। उन्होंने यह तक कहा कि जीने लायक नहीं छोड़ा गया और वह लंबे समय से मानसिक दबाव में थे।

इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर हुआ विवाद

अनुराग ने बताया कि इंस्टाग्राम पर मिली एक लड़की से अधिक बात-चीत के बाद उन्हें प्यार हो गया। शादी के लिए माता-पिता को मनाया गया लेकिन शादी के कुछ दिन पहले ही उनके पेरेंट्स ने रिश्ते को लेकर अपनी आपत्ति जताई और शादी में आने से इंकार कर दिया। जिसके कारण उनका तनाव बढ़ गया। हालांकि यह बातें अनुराग ने कही हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

अनुराग ने की आत्महत्या करने की कोशिश

यूट्यूबर ने आरोप लगाया कि, उसकी शादी से ठीक छह दिन पहले, उसके माता-पिता ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया, जिससे उसे पूरे समारोह का प्रबंधन अकेले करना पड़ा। उन्होंने कहा कि 'मेरे से हाथ जुड़वाएं, पैर पढ़वाएं। मेरे से सॉरी बुलवाया गया सारे रिश्तेदारों के सामने। पापा और मम्मी ने इस लेवल तक टॉर्चर किया कि बोला कि ना हम खुश रहेंगे ना तुझे खुश रहने देंगे।' 

ऐसा इसलिए क्योंकि अनुराग ने इंटर कास्ट मैरिज की थी। उसने दावा किया कि उसके माता-पिता ने इस संबंध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उसे और रितिका (अनुराग की वाइफ) को घर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी। अनुराग ने बताया कि उन्होंने इस दौरान आत्महत्या करने की कोशिश भी की।

नहीं हुई है कोई पुष्टि

अनुराग द्वारा शेयर की गई वीडियो से इतर अगर हम सोचें तो मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अनुराग डोभाल के इन दावों को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक जांच या कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह मामला उनके व्यक्तिगत आरोपों और सोशल मीडिया पोस्ट तक ही सीमित है। लेकिन अगर अनदेखा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि कई ऐसे बच्चे हैं तो जाने-अनजाने अपने परिवार द्वार प्रेशर की वजह से डिप्रेशन में चले जाते हैं।

ऐसे में बच्चों को अपने माता-पिता को कैसे समझाना चाहिए? और माता-पिता कैसे समाज को साइड रखकर ठंडे दिमाग से बच्चों की भलाई के बारे में सोच सकते हैं? आइए यह साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर मालिनी सबा से जानते हैं।

बच्चों को अपने माता-पिता को कैसे समझाना चाहिए?

  1. माता-पिता के सामने अपनी बात रखते समय आवाज ऊंची न करें और माता-पिता की फीलिंग्स को भी शांति से समझने की कोशिश करें।
  2. सिर्फ जिद करने के बजाय अपनी बात के पीछे सही कारणों को उदाहरण सहित बताएं। ताकि माता-पिता को आपकी सोच समझ पाएं।
  3. स्ट्रेस या गुस् में बात करने के बजाय ऐसा समय चुनें जब सभी शांत हों और आराम से चर्चा हो सके।
  4. बच्चों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि माता-पिता किस बात को लेकर चिंतित हैं, फिर उसी आधार पर अपनी बात रखें।
  5. ऐसा जरूरी नहीं है कि पेरेंट्स एक बार में ही बात मान लेंगे। इसलिए बार-बार शांत तरीके से समझाने और भरोसा दिलाने की कोशिश करें।

माता-पिता समाज को साइड रखकर ठंडे दिमाग से बच्चों की भलाई के बारे में कैसे सोच सकते हैं?

  1. समाज क्या कहेगा इसकी जगह यह देखें कि बच्चा किस क्षेत्र में अच्छा कर सकता है।
  2. बच्चों से खुलकर बात करें, ताकि उनकी सोच और भावनाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
  3. दूसरे बच्चों या रिश्तेदारों से तुलना करने के बजाय अपने बच्चे की अलग पहचान को स्वीकार करें।
  4. समाज की तात्कालिक राय के बजाय यह सोचें कि बच्चे के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्या बेहतर है।
  5. जल्दबाजी या दबाव में निर्णय लेने के बजाय शांत मन से सभी पहलुओं पर विचार करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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