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स्मोक करने से लेकर ड्रिंक और नशा करने तक, प्यार में लोग गलत कदम क्यों उठाते हैं?

Pyaar Mai Galat Kadam: क्या आपने गौर किया है कि अधिकतर प्यार में हारे लोग ही नशे की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं? ऐसा क्यों होता है, आइए जानते हैं।

स्मोक करने से लेकर ड्रिंक और नशा करने तक, प्यार में लोग गलत कदम क्यों उठाते हैं?
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Malini Saba

Written by Vidya Sharma |Updated : March 3, 2026 10:09 AM IST

Why Do People Take Wrong Steps In Love In Hindi: फिल्मों से लेकर असल जिंदगी तक, अक्सर देखा जाता है कि प्यार में पड़ा और प्यार में धोखा खाया व्यक्ति नशे की हत्थे चढ़ जाता है। फिर चाहे वह स्मोकिंग हो, शराब पीना हो या अन्य किसी तरह का नशा करना। साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा कहती हैं कि 'प्यार और रिश्तों में अक्सर लोग अपने व्यवहार और निर्णय पर नियंत्रण खो देते हैं। कभी-कभी यह कदम केवल रोमांस या आकर्षण की वजह से उठाए जाते हैं, और कभी-कभी यह सामाजिक दबाव, जजमेंट या डर से प्रेरित होते हैं।'

लेकिन सवाल यह है कि लोग क्यों अपने स्वास्थ्य और भविष्य के लिए जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं, जैसे स्मोकिंग,शराब या अन्य नशे की आदतें। जब कि उन्हें पता होता है कि यह गलत है? आज हम आपको इस लेख में ऐसे ही 5 बिंदुओं के बारे में बताने वाले हैं, जो प्यार में पड़े लोगों को गलत कदम उठाने में मजबूर कर देती है। अगर आप भी इन में से ही कोई गलती कर रहे हैं तो उसे आज ही सुधारें।

आकर्षण और आकर्षित होने की भावना

प्यार में, किसी को प्रभावित करने या उनके करीब आने की तीव्र इच्छा होती है। ऐसे में हम पार्टनर की पसंद या आदतों को अपनाने की कोशिश करते हैं, उनके नजरिए या व्यवहार को प्रभावित करते हैं और 'मैं भी वही करूंगा/करूंगी जो तुम करते हो' जैसी भावनाएं मन में लाते हैं। कई बार यह कदम केवल अपनापन दिखाने के लिए उठाए जाते हैं। डॉक्टर सबा के अनुसार यह मानव मस्तिष्क की एक सामान्य प्रवृत्ति है, जो 'समानता से जुड़ाव' महसूस करना।

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सामाजिक दबाव और फैशन

आजकल युवाओं पर दोस्तों या सोशल मीडिया का दबाव भी गहरा असर डालता है। इसमें पार्टनर या दोस्तों के ग्रुप में फिट होने की चाहत, सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने वाला बिहेवियर अपनाना, खुद को अलग या 'कूल' साबित करना आदि इस तरह के दबाव में लोग बिना सोच-समझे गलत आदतों को अपनाते हैं।

इमोशनल अनस्टेबिलिटी और स्ट्रेस

प्यार में कभी-कभी असुरक्षा और ईर्ष्या जैसी भावनाएं पैदा होती हैं। ऐसे में कोई भी एक या दोनों ही पार्टनर अपना  गुस्सा, उदासी या तनाव को कम करने के लिए शराब या नशे का सहारा लेना शुरु कर देते हैं। यह वह स्थिति होती है जब दिल टूटने या रिश्ते में अस्थिरता के समय हम इमोशनल होकर फैसले ले लेते हैं और खुद को सब से छिपाने का तरीका अपनाना शुरू कर देते हैं। डॉक्टर सबा कहती हैं कि भावनात्मक अस्थिरता में व्यक्ति अक्सर लंबे समय के परिणामों को नजरअंदाज कर देता है।

सीमाओं का अभाव और गलत निर्णय

कई बार प्यार में लोग अपने और दूसरों के लिए स्पष्ट सीमाएं नहीं तय कर पाते हैं। दो लोगों के बीच कुछ बातें पहले ही क्लियर होनी चाहिए कि क्या किया जा सकता है और क्या नहीं। पार्टनर की आदतों और अपेक्षाओं को अनदेखा करने से दूसरा व्यक्ति इग्नोर फील कर सकता है और इससे उबरने के लिए नशे का सहारा ले सकता है।

'प्यार में सब माफ है' जैसी मानसिकता

किसी भी रिश्ते में बंधे दो पार्टनर्स को एक दूसरे को माफ करना आना चाहिए। जब दो लोगों में एक-दूसरे को माफ करने की क्षमता नहीं होती है। जब उनके बीच लड़ाई हो जाती है तो वह इस वजह से कई युवा जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं और बाद में पछताते हैं।

व्यक्तिगत अनुभव और मानसिक स्वास्थ्य

कई बार पिछला अनुभव या मानसिक स्वास्थ्य भी भूमिका निभाता है। जब कोई खुद को अकेला फील करता है या उसे आत्म-सम्मान की कमी महसूस कराई जाती तो व्यक्ति स्मोक करना या अन्य नशे का सहारा लेता है। इसके अलावा सामाजिक या पारिवारिक दबाव, तनाव, चिंता या डिप्रेशन आदि यह भी नशे की लत लगने का एक कारण हो सकते हैं। ऐसे व्यक्ति ज्यादा संवेदनशील होते हैं और प्यार में गलत कदम उठाने की संभावना बढ़ जाती है।

समाधान और संतुलन

डॉक्टर मालिनी सबा के अनुसार, प्यार में गलत कदम उठाने से बचने के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं-

  1. आत्म-जागरूकता- अपने निर्णय और भावनाओं पर ध्यान दें।
  2. सीमाएं तय करना- खुद और पार्टनर दोनों के लिए स्पष्ट नियम और सीमाएं तय करें।
  3. सकारात्मक विकल्प चुनना- तनाव और भावनाओं को स्वस्थ गतिविधियों से निकालें- जैसे योग, खेल या रचनात्मक काम।
  4. सोशल मीडिया और दोस्तों के दबाव को समझना- ट्रेंड या दबाव में आकर न चलें।
  5. जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग- भावनात्मक समर्थन लेना डरने की बात नहीं है।

प्यार में गलत कदम उठाना सिर्फ व्यक्तिगत कमजोरी नहीं, बल्कि भावनाओं, दबाव और असुरक्षा का परिणाम है। डॉक्टर मालिनी सबा मानती हैं कि प्यार में समझदारी और आत्म-जागरूकता से हम रिश्तों में स्वस्थ और संतुलित निर्णय ले सकते हैं। याद रखें, प्यार में किसी भी कदम का मूल्यांकन केवल दिल से नहीं, बल्कि दिमाग से भी करना जरूरी है। इससे न केवल रिश्ते मजबूत होते हैं, बल्कि हमारा स्वास्थ्य और भविष्य भी सुरक्षित रहता है।

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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।