
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : January 23, 2026 3:54 PM IST
Medically Verified By: Dr. Malini Saba
Extra Marital Affair Karne Ka Karan: आजकल तलाक के आंकड़े बढ़ रहे हैं, जिन्हें दोनों ही तरह के कपल शामिल हैं। दो तरह से हमारा मतलब है कि वह जिनकी अरेंज मैरिज हुई है और वह भी जिन्होंने खुद लव मैरिज की है। अक्सर यह माना जाता है कि जब शादी प्यार से हुई हो, तो रिश्ते में धोखे की गुंजाइश नहीं रहती। लेकिन आज के समय में यह धारणा पूरी तरह सही साबित नहीं हो रही। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि आजकल अपने प्यार से शादी करने के बाद भी लोग बाहर एक्सट्रामैरिटल अफेयर रख रहे हैं।
यह गलत है और सभी कहते भी हैं, लेकिन क्या सिर्फ कह देने भर से सब ठीक हो जाता है! नहीं। हम सभी का यह समझना भी जरूरी है कि आखिर ऐसा होता क्यों है? साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा कहती हैं कि
"एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर को सिर्फ चरित्र या नैतिकता से जोड़कर देखना एक सतही सोच है। इसके पीछे गहरी मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक वजहें होती हैं।"
आइए हम डॉक्टर से विस्तार से जानते हैं कि लोग ऐसा क्यों करते हैं।
साइकोलॉजिस्ट बताती हैं कि लव मैरिज में अक्सर यह उम्मीद जुड़ी होती है कि पार्टनर हर भावना को बिना कहे समझेगा। समय के साथ जब जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। करियर, परिवार, बच्चे, तो रिश्ते में बातचीत कम होने लगती है। यही वह जगह है जहां भावनात्मक दूरी चुपचाप जन्म लेती है। जब कोई व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ सुना हुआ, समझा हुआ या सराहा हुआ महसूस नहीं करता, तो वह भावनात्मक जुड़ाव बाहर ढूंढने लगता है।
डॉक्टर सबा कहती हैं कि 'पुरुष हों या महिलाएं, दोनों को यह महसूस करने की जरूरत होती है कि वे महत्वपूर्ण हैं। कई बार शादी के बाद पहचान सिर्फ पति या पत्नी तक सीमित हो जाती है। ऐसे में जब कोई बाहर से तारीफ करता है, ध्यान देता है या भावनात्मक सहारा देता है, तो व्यक्ति खुद को फिर से जिंदा महसूस करने लगता है। यह अफेयर कई बार शारीरिक से ज्यादा भावनात्मक होता है।
लोगों की कुछ धारणाओं को दूर करते हुए डॉक्टर ने बताया कि 'लव मैरिज में यह भ्रम भी होता है कि रिश्ता अपने आप चलता रहेगा। लोग कोशिश करना छोड़ देते हैं, डेट्स, बातें, सरप्राइज, भावनात्मक चेक-इन। धीरे-धीरे रिश्ता मैनेजमेंट मोड में चला जाता है, प्यार मोड में नहीं। ऐसे में बाहर का कोई व्यक्ति उस खोए हुए एहसास की याद दिला देता है।

डॉक्टर सबा के अनुसार, महिलाएं ज्यादातर भावनात्मक कारणों से अफेयर में जाती हैं -
कई महिलाएं अपराधबोध में जीती हैं, लेकिन फिर भी उस रिश्ते को छोड़ नहीं पातीं, क्योंकि वहाँ उन्हें 'समझा जाना' मिलता है।

पुरुषों के मामले में कारण अलग-अलग हो सकते हैं जैसे-
लेकिन यह मानना गलत है कि पुरुष सिर्फ शारीरिक कारणों से ऐसा करते हैं। भावनात्मक असंतोष यहाँ भी बड़ी भूमिका निभाता है।
जरूरी नहीं। कई बार यह एक चेतावनी होती है कि रिश्ते में कुछ अनदेखा हो रहा है। अगर दोनों पार्टनर ईमानदारी से संवाद करें, प्रोफेशनल मदद लें और एक-दूसरे को फिर से समझने की कोशिश करें, तो रिश्ता और मजबूत भी हो सकता है।

डॉक्टर मालिनी सबा कहती हैं कि एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर को केवल धोखा कहकर खारिज कर देना समस्या का हल नहीं है। यह एक संकेत है, अधूरी भावनाओं, अधूरी बातचीत और अधूरी समझ का। रिश्तों को बचाने के लिए पहले उन्हें समझना जरूरी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।