CBSE Board Results April 2026: "रिजल्ट कब आ रहा है?" यह एक छोटा सा सवाल बच्चे के दिमाग पर क्या असर डालता है?

CBSE Board Ka Results Kab Aayega: सीबीएसई का रिजल्ट आने वाला है। संभावित तारीख 14 और 15 अप्रैल है, लेकिन बच्चों से बार बार यह पूछना कि "रिजल्ट कह आ रहा है?" यह उनके दिमाग पर गलत असर डाल सकता है।

WrittenBy

Written By: Vidya Sharma | Updated : April 14, 2026 11:22 AM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Malini Saba

CBSE Board Ka Results Date And Time: देखें जैसे-जैसे सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट अनाउंसमेंट का समय करीब आता जाता है, बच्चों के मन में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं। उनके इमोशन्स रोलरकोस्टर की तरह ऊपर-नीचे होते रहते हैं। वह "रिजल्ट क्या और कैसा आएगा" इसी सवाल में फंसे होते हैं। ऐसे में कुछ लोग छात्र-छात्राओं से बार-बार पूछते हैं कि "रिजल्ट आ गया क्या?" या "तुम्हारा रिजल्ट कब आ रहा है?" यह बहुत ही आम सवाल हैं जो सभी बच्चों से पूछे जाते हैं।

लेकिन समस्या यह है कि जब बच्चो खुद अपनी चीजों को लेकर परेशान है, तो क्या उसे बार-बार ऐसा सवाल करना सही है? जाहिर सी बात नहीं। लेकिन फिर भी लोग ऐसा करते हैं। वह समझ नहीं पाते हैं कि एक छोटा सा सवाल बच्चे में मन में फ्रस्टेशन और डाउट पैदा कर रहा है। कैसे डाउट? आइए साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर मालिनी सबा से जाने हैं कि बच्चे से बार-बार रिजल्ट के बारे में पूछना, उनके दिमाग पर कैसे और कैसा असर डालता है।

बच्चा होने लगता है फ्रस्टेट

कोई भी सवाल अगर एक दो बार पूछा जाए तो कोई बात नहीं, लेकिन बच्चे से बार बार रिजल्ट अनाउंसमेंट के बारे में पूछना, जिसके बारे में उसे खुद नहीं पता। यह चीजें स्टूडेंट्स को फ्रस्टेट कर सकती हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि वह खुद अपने रिजल्ट का वेट कर रहे होते हैं, उन्हें टेंशन होती है कि "अगर नंबर कम आए तो साइंस नहीं ले पाउंगा", "फेल हो गया तो एक साल बर्बाद जाएगा", या "किसी एक सब्जेक्ट पर ER आ गई तो कहीं मेरा एडमिशन ही न हो!"

ऐसे सवाल बच्चे के दिमाग पर गहरा असर डालते हैं, जिससे उनका मूड और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही प्रभावित होते हैं और उन पर नेगेटिव असर पड़ता है। बेहतर होगा कि आप बच्चों में पॉजिटिव थिंकिंग का संचार करें।

बच्चा होपलेस हो जाता है

जिस बच्चे ने पेपर दिए हैं, वह खुद भी अपने रिजल्ट को लेकर थोड़े डर और छोड़ी उत्सुक्ता में होगा, लेकिन लोगों के बार-बार रिजल्ट के बारे में वह होपलेस फील करने लगते हैं। जैसे कोई अगर ऐसे सवाल करे कि "रिजल्ट कब आ रहा है, कितने नंबर आने की उम्मीद है, अगर कटऑफ मैच नहीं कर पाए तो क्या करने की सोच रहे हो" आदि आदि। ऐसी बातें बच्चे के मन में नेगेटिविटी को पैदा करती हैं, जिससे एक्साइटमेंट से रिजल्ट का इंतजार करता बच्चा होपलेस हो जाता है।

बच्चे के मन में बैठ जाता है तुलना का डर

अक्सर कई माता-पिता और आड़-पड़ोस के लोग बच्चे से इतने सवाल करते हैं कि वह खुद को कमतर समझने लगता है। जैसे बच्चे से ये कहना कि "जब हमारा लड़का/लड़की का दसवीं का रिजल्ट आया था तो उसने टॉप किया था, या उसे तो सबसे अच्छा कॉलेज मिला था" ऐसी बातें बच्चे के मन में डर डाल देती हैं। वह खुद की तुलना सबसे करने लगते हैं। इसलिए आप भी अपने बच्चे की तुलना किसी से न करें

CBSE Board Ka Results Date And Time Live: रिजल्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें- 

CBSE 10th results 2026 link

cbse.gov.in

results.nic.in

results.digilocker.gov.in

umang.gov.in

Highlights

  • CBSE का रिजल्ट आने से पहले बच्चे से बार-बार और परेशान करने वाले सवाल न करें।
  • CBSE रिजल्ट से पहले व बाद में बच्चे की तुलना किसी अन्य बच्चे से न करें।
  • बच्चे के जितने भी नंबर या पर्सनटेज आए, आप उसे साबाशी दें क्यों उसने महनत की है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.