सुसाइड से पहले हंसते-पार्टी करते दिखते हैं लोग, साइकोलॉजिस्ट से जानें क्या होता है स्माइलिंग डिप्रेशन?
Smiling Depression Kya Hota Hai: आपने कई ऐसी खबरें सुनी होंगी जहां एक व्यक्ति मरने से पहले अपने परिजनों के साथ हंसता-खेलता दिखता है। लेकिन एक-दो दिन में खबरें आती है कि उसने सुसाइड कर ली। आइए साइकोलॉजिस्ट से जानते हैं ऐसा क्यों होता है।
Written by Vidya Sharma|Published : January 6, 2026 12:12 PM IST
Smiling Depression Kaise Pehchane: आजकल सुसाइड के केस बहुत ही ज्यादा बढ़ गए हैं। कहीं झांसी में कोई महिला वाट्सएप चलाने से रोके जाने पर सुसाइड कर रही है तो कहीं शादी को लेकर महिलाएं व पुरुष आत्महत्या कर रहे हैं। इसी तरह आपने कुछ ऐसे केस के बारे में भी सुना होगा जहां कोई लड़का या लड़की अपने हफ्तेभर पहले अपने दोस्तों के साथ एंजॉय करते या पार्टी करते दिखता है और फिर कुछ ही दिनों में न्यूज चैनल या अखबारों में खबर आती है कि फलां व्यक्ति ने आत्महत्या कर दी है।
इस तरह की सुसाइड के पीछे स्माइलिंग डिप्रेशन होता है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति खुद को बाहर के खुश और एक्टिव दिखाता है, लेकिन अंदर ही अंदर वह मर रहा होता है और घुट रहा होता है। इस विषय पर हमने थोड़ा और विस्तार से जानने के लिए साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर मालिनी सबा से बात की। हमने उनसे पूछा की आखिर लोग सुसाइड से पहले हंसते-पार्टी करते क्यों दिखते हैं? आइए आपको बताते हैं डॉक्टर ने क्या कहा और कौन सी अहम जानकारी हमारे साथ शेयर की।
यह अवसाद का ऐसा रूप है जिसमें व्यक्ति बाहर से खुश और सामान्य दिखता है। वह व्यक्ति हंसता है, काम करता है और लोगों से मिलता है, लेकिन अंदर ही अंदर वह दुख, खालीपन और मानसिक थकान से जूझ रहा होता है। ऐसे लोग अपना दर्द किसी से साझा नहीं करते
डॉक्टर सबा कहती हैं, कि 'हर मुस्कान खुशी की निशानी नहीं होती। जब भी आत्महत्या की कोई खबर आती है, तो अक्सर लोग हैरानी जताते हैं। जैसे 'वो तो हमेशा हंसता रहता था', 'अभी कुछ दिन पहले ही पार्टी में था, 'कभी उदास दिखा ही नहीं।' आदि आदि। वह कहती हैं कि कई बार इसके पीछे एक गंभीर लेकिन छुपी हुई मानसिक समस्या होती है, जिसे स्माइलिंग डिप्रेशन कहा जाता है।
TRENDING NOW
लोग अपना दुख क्यों छुपाते हैं?
समाज में मजबूत दिखने का दबाव
यह डर कि लोग उन्हें कमजोर समझेंगे
परिवार और काम की जिम्मेदारियां
अपनी परेशानी दूसरों पर न डालने की सोच
धीरे-धीरे 'सब ठीक है' कहना उनकी आदत बन जाती है।
हंसते-पार्टी करते लोग सुसाइड की ओर क्यों बढ़ते हैं?
पार्टी करना या हर समय व्यस्त रहना, दर्द से बचने का तरीका हो सकता है
अंदर की परेशानी किसी को नजर नहीं आती
व्यक्ति अकेले-अकेले टूटता चला जाता है
एक समय ऐसा आता है जब उसे लगता है कि अब और सहना मुश्किल है
डॉक्टर सबा बताती हैं कि 'जब कोई बार-बार कहे कि मैं बिल्कुल ठीक हूं, तब ध्यान देना बहुत जरूरी हो जाता है।'
क्योंकि ऐसे लोग अपने काम और जिम्मेदारियां निभाते रहते हैं
सोशल मीडिया पर खुश नजर आते हैं
बाहर से उनकी जिंदगी बिल्कुल सामान्य लगती है
इसलिए कोई समझ नहीं पाता कि उनके अंदर क्या चल रहा है।
परिवार और दोस्तों को क्या करना चाहिए?
सिर्फ 'ठीक हो?' पूछकर बात खत्म न करें
उन्हें ध्यान से सुनें, बिना जज किए
उनकी भावनाओं को हल्के में न लें
जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल मदद लेने के लिए प्रेरित करें
अगर आप खुद ऐसा महसूस कर रहे हैं
आप अकेले नहीं हैं
मदद मांगना कमजोरी नहीं है
किसी भरोसेमंद इंसान या विशेषज्ञ से बात करें
सही समय पर मदद मिलना जिंदगी बचा सकता है
Highlights
स्माइलिंग डिप्रेशन में लोग सामान्य तरीके से ही बिहेव करते हैं।
अकेले रहने से डरना, नींद ठीक से न आना या ज्यादा सोना, खाने की आदतों में बदलाव इसके संकेत हैं।
आपको डिप्रेशन कम करने के लिए किसी ट्रस्टेड पर्सन से बात करनी चाहिए।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
Don’t Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today!
Subscribe Now
Enroll for our free updates
Please confirm that you agree to the terms and conditions.
Thank You for Subscribing
Thanks for Updating Your Information
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
We noticed that you are running an ad-blocker.
Ads helps us keep our content free. Please add us to your whitelist or disable your ad-blocker.