रुमिनेशन डिसऑर्डर क्या होता है? एक्सपर्ट से जानिए इसके लक्षण और बचाव

Rumination: रुमिनेशन वाला व्यक्ति हमेशा नकारात्मक विचारों में डूबा रहता है। आइए,जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : August 21, 2025 8:04 PM IST

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Medically Verified By: Kapil Gupta

Rumination Symptoms: आजकल लोग अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर पहले से काफी ज्यादा जागरुक हो गए हैं। लेकिन आज भी ज्यादातर लोगों को मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं को लेकर सिर्फ एंग्जायटी या डिप्रेशन के बारे में ही जानकारी होती है। क्या आप जानते हैं कि रुमिनेशन क्या होता है? दरअसल, यह एक तरह का मेंटल डिसऑर्डर है, जिसमें दिमाग लगातार नेगेटिव विचारों में डूबा रहता है। इससे मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ता है। इसके कारण व्यक्ति की मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। आज इस लेख में मेंटल हेल्थ एक्टिविस्ट और Solh Wellness App के फाउंडर कपिल गुप्ता से जानते हैं रुमिनेशन क्या है, इसके कारण और लक्षण के बारे में विस्तार से -

रुमिनेशन क्या है? - What Is Rumination In Hindi

कपिल गुप्ता के मुताबिक, रुमिनेशन  यानी दिमाग का बार-बार एक ही सोच में फंस जाना। इसमें तनाव आपके दिमाग पर कब्जा कर लेता है, जिससे आपका मन शांत नहीं होता आसान भाषा में कहें तो आप लगातार एक ही बात के बारे में सोचते रहते है और उस बात की गहराई में जाते- जाते और ज्यादा उलझ जाते हैं, वो भी बिना कोई हल निकाले। ध्यान रखें कि ये  सिर्फ “सोचना” नहीं है। ये ओवरथिंकिंग का खतरनाक रूप है। और अगर इसे  समय रहते ना रोका जाए तो ये आपका तनाव इतना ज़्यादा बढ़ा देता है कि आपको चिंता, अनिद्रा और डिप्रेशन तक हो सकता है।

रुमिनेशन का कारण - Causes Of Rumination In Hindi

  • जब कोई व्यक्ति अपने जीवन में कठिन समय से गुजर रहा हो या असुरक्षित महसूस कर रहा हो, तो वह रुमिनेशन का शिकार हो सकता है।
  • परफेक्शनिस्ट या अत्यधिक आत्म-आलोचनात्मक व्यक्ति इसका शिकार हो सकते हैं।
  • लंबे समय तक तनाव और चिंता में रहने से रुमिनेशन की समस्या हो सकती है।
  • अनसुलझा तनाव या ट्रॉमा और ओवरथिंकिंग भी रुमिनेशन का कारण बन सकता है।

 रुमिनेशन के लक्षण - Symptoms Of Rumination In Hindi

  • मन में नेगेटिव विचार आना
  • बार-बार पुरानी गलतियों को दोहराना
  • थकान, बेचैनी और  खुद को हमेशा कहीं फँसा हुआ महसूस करना
  • नींद ना  आना क्योंकि दिमाग  में एक ही बात बार-बार चलती रहती है
  • ज्यादा चिंता और चिड़चिड़ापन

रुमिनेशन तनाव क्यों बढ़ाता है?

कपिल गुप्ता का कहना है कि हमारा दिमाग समस्याओं को सुलझाने के लिए बना है। लेकिन कई बार वो उन समस्याओं को पकड़ लेता है, जिन्हें वो सुलझा ही नहीं सकता। और जितना ज्यादा आप सोचते हैं, उतना ही ज्यादा  तनाव बढ़ता जाता  है। रुमिनेशन आपके कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) को बढ़ाता है, नींद खराब करता है, इम्यूनिटी घटाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। यानी ये सिर्फ दिमाग़ तक सीमित नहीं है, बल्कि ये पूरा बॉडी-स्ट्रेस रिस्पॉन्स बार-बार एक्टिव कर देता है।

रुमिनेशन को कैसे रोकें - How To Stop Rumination In Hindi

लूप पकड़ें – सबसे पहले जागरूक हों।

सवाल बदलें – “क्यों मैं?” को “अब आगे क्या?” में बदलें।

पैटर्न तोड़ें – गाइडेड माइंडफुलनेस, जर्नलिंग, एआई रिमाइंडर, ग्राउंडिंग टूल्स।

एकांत में बैठें – ऐसी जगह चुनें जहां शांति से बैठ सकें।

प्रोफेशनल सपोर्ट – थेरेपिस्ट, कोच और कम्युनिटी सपोर्ट से जुड़ें।

रुमिनेशन  गहरी सोच नहीं है। यह तनाव का एक्सीलरेटर है। अगर इसे रोका ना जाए, तो यह दिमाग को कैद कर देता है, शरीर पर काबू पा लेता है और ज़िंदगी के हर हिस्से में घुस जाता है। ऐसे में  समझदारी यही है कि तनाव के बढ़ने का इंतजार  ना करें। इसे मापें, मॉनिटर करें और मैनेज करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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