
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : September 11, 2025 4:28 PM IST
Medically Verified By: Dr. Malini Saba
Symptoms Of Psychosis: आज की तेज रफ्तार ज़िंदगी में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। अक्सर हम तनाव या एंग्जायटी के बारे में सुनते हैं, लेकिन कुछ मानसिक स्थितियों इससे कहीं ज्यादा गंभीर होती हैं। उन्हीं में से एक है साइकोसिस (Psychosis)। यह एक ऐसी मानसिक स्थिति है जिसमें इंसान को असलियत और कल्पना के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है। प्रभावित व्यक्ति को कभी-कभी ऐसी चीजें दिखाई देती हैं या सुनाई देती हैं जो असल में मौजूद नहीं होतीं। कई बार उनके विचार हकीकत से बहुत दूर चले जाते हैं और वे दुनिया को एक अलग ही नजरिए से देखने लगते हैं। आज इस लेख में साइकोलॉजिस्ट, ह्यूमन राइट्स एडवोकेट और वुमन राइट्स एक्टिविस्ट डॉ मालिनी सबा से जानते हैं कि साइकोसिस क्या होता है, इसके लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से -
साइकोसिस के लक्षण अलग-अलग लोगों में अलग तरह से नजर आते हैं, लेकिन कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं:
साइकोसिस कई वजहों से हो सकता है। डॉ मालिनी सबा बताती हैं कि यह सिर्फ़ मानसिक नहीं बल्कि जैविक और सामाजिक कारकों से भी जुड़ा हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि साइकोसिस का इलाज संभव है। सही समय पर मदद मिलने से मरीज सामान्य और खुशहाल जीवन जी सकता है।
दवाइयां: डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवाएँ, जो लक्षणों को नियंत्रित करती हैं।
थेरेपी: कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) और साइकोसोशल सपोर्ट से वास्तविकता को समझने में मदद मिलती है।
परिवार का सहयोग: भावनात्मक सहारा और प्यार मरीज की रिकवरी में अहम भूमिका निभाते हैं।
काउंसलिंग और रिहैब: लंबे समय तक सपोर्ट और सही माहौल से सुधार की प्रक्रिया तेज़ हो सकती है।
हर बार साइकोसिस को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ उपाय जोखिम को कम कर सकते हैं:
साइकोसिस एक गंभीर बीमारी नहीं है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह व्यक्ति की सोच, भावनाओं और व्यवहार को गहराई से प्रभावित कर सकती है। लेकिन समय पर पहचान, इलाज और परिवार के सहयोग से इससे बाहर निकला जा सकता है। हमें जरूरत है मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की और इस विषय पर खुलकर बात करने की। याद रखिए, मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।