पैनिक अटैक क्या होता है? जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

Panic Attack Symptoms: पैनिक अटैक शरीर और दिमाग की अचानक हुई प्रतिक्रिया है, जिसमें अचानक और तेज घबराहट होती है। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : September 9, 2025 9:55 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Malini Saba

Symptoms Of Panic Attack: पैनिक अटैक एक ऐसी स्थिति है, जो अचानक और तेज घबराहट पैदा करती है। कभी-कभी दिल जोर-जोर से धड़कने लगता है, सांस रुक-रुक कर आती है, हाथ-पैर कांपने लगते हैं और दिमाग में बार-बार यही ख्याल आता है कि “अब कुछ बहुत बुरा होने वाला है।” पहली बार इसका अनुभव करने वाले अक्सर इसे हार्ट अटैक समझ बैठते हैं। लेकिन पैनिक अटैक जानलेवा नहीं होता। यह शरीर और दिमाग की अचानक हुई प्रतिक्रिया है, जो थोड़ी देर में अपने आप शांत हो जाती है। आज इस लेख में साइकोलॉजिस्ट, ह्यूमन राइट्स एडवोकेट और वुमन राइट्स एक्टिविस्ट डॉ मालिनी सबा से जानते हैं कि पैनिक अटैक क्या होता है, इसके लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से -

पैनिक अटैक के लक्षण

पैनिक अटैक अचानक आता है और कुछ मिनटों में चरम पर पहुँच जाता है। इस दौरान व्यक्ति को लगता है कि वह स्थिति पर नियंत्रण खो रहा है या उसे हार्ट अटैक हो रहा है। डॉ। सबा के अनुसार, इसके कुछ आम लक्षण हैं:

  • दिल की धड़कन तेज होना या धकधक महसूस होना
  • सांस लेने में कठिनाई
  • शरीर में कंपन या पसीना आना
  • सीने में दबाव या दर्द
  • चक्कर या हल्कापन
  • अचानक यह डर कि “कुछ बुरा होने वाला है”

पैनिक अटैक क्यों होता है?

पैनिक अटैक के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लगातार तनाव, नींद की कमी, ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन इसे बढ़ा सकते हैं। कभी-कभी यह पुराने सदमे या ट्रॉमा की वजह से भी आता है। यदि परिवार में चिंता या डिप्रेशन का इतिहास रहा हो, तो इसकी संभावना और बढ़ जाती है। हर व्यक्ति में कारण अलग हो सकते हैं, इसलिए इसे समझना और पहचानना जरूरी है।

पैनिक अटैक को संभालने के तरीके

  1. सांस पर ध्यान दें धीरे-धीरे और गहरी सांस लेना सबसे आसान और असरदार तरीका है। एक तरीका है – चार सेकंड सांस लें, चार सेकंड रोके रखें और छह सेकंड में धीरे-धीरे छोड़ें। कुछ बार इसे दोहराने से शरीर शांत हो जाता है और घबराहट कम होती है।
  2. ध्यान को वर्तमान में लाएं ग्राउंडिंग तकनीक के अनुसार, ध्यान को आसपास की चीजों पर केंद्रित करना मदद करता है। उदाहरण के लिए, पाँच चीजें देखें, चार चीजों को छुएँ, तीन आवाजें सुनें, दो खुशबू महसूस करें और एक स्वाद पहचानें। इससे डर कम होता है और दिमाग वर्तमान में टिक जाता है।
  3. खुद को समझाएं अकसर डर और घबराहट तब बढ़ जाती है जब हम इसे वास्तविक और खतरनाक मान लेते हैं। अपने आप से कहें, “यह सिर्फ पैनिक अटैक है, कुछ नहीं होगा, थोड़ी देर में शांत हो जाएगा।” यह छोटा सा भरोसा बहुत राहत देता है।
  4. रोजमर्रा की आदतों में सुधार
  • समय पर और पर्याप्त नींद लें
  • हल्का-फुल्का व्यायाम करें
  • चाय, कॉफी और शराब कम करें
  • योग, ध्यान या प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें

जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से मदद लें अगर पैनिक अटैक बार-बार हो रहा है और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है, तो किसी काउंसलर या डॉक्टर से बात करना जरूरी है। सही थेरेपी और मार्गदर्शन से स्थिति में काफी सुधार आता है।

निष्कर्ष

पैनिक अटैक डरावना लगता है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसे समझना, खुद को भरोसा दिलाना, सरल तकनीक अपनाना और जरूरत पड़ने पर मदद लेना ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना शारीरिक स्वास्थ्य। सही समझ और संतुलित जीवनशैली से पैनिक अटैक को संभालना बिल्कुल संभव है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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