ज्यादा तनाव लेने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है? जानिए डॉक्टर से

Impact Of Stress On Brain Health: क्या आप जानते हैं कि ज्यादा तनाव लेने से आपके दिमाग पर असर पड़ सकता है? आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : August 21, 2025 3:43 PM IST

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Medically Verified By: Kapil Gupta

What effect does taking too much stress on brain: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति को किसी न किसी बात का तनाव रहता है। लेकिन लगातार स्ट्रेस में रहने की वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। घर का स्ट्रेस हो या ऑफिस के काम की टेंशन, हर व्यक्ति किसी न किसी बात से परेशान है। तनाव के कारण न केवल मानसिक समस्याएं, बल्कि कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। लंबे समय तक स्ट्रेस में रहना आपके दिमाग को प्रभावित कर सकता है। तो आइए, डॉक्टर से जानते हैं कि ज्यादा तनाव टेंशन लेने से कैसे दिमाग पर असर पड़ता है। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने मेंटल हेल्थ एक्टिविस्ट और Solh Wellness एप के फाउंडर कपिल गुप्ता से बात की।

कपिल गुप्ता बताते हैं कि जब आप टेंशन लेते हैं, तो दिमाग से कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन निकलता है। इसकी वजह से आपको अच्छा महसूस नहीं होता है। कभी-कभार ऐसा होना आम बात है। लेकिन जब आप लंबे समय तक तनाव लेते हैं, तो दिमाग पर इसका बुरा असर पड़ता है। इसके कारण आपकी याददाश्त कमजोर होने लगती है और आप छोटी-छोटी बातें भूलना शुरू हो जाते हैं।

तनाव दिमाग को कैसे प्रभावित करता है?

  • ज्यादा तनाव लेने से दिमाग का एक हिस्सा, हिप्पोकैम्पस, सिकुड़ जाता है। यह दिमाग का वह भाग है जहां मेमोरी होती है और जो सीखने से जुड़ा हुआ है। ज़्यादा टेंशन लेने  से हमारा  दिमाग़ सिर्फ थकता नहीं है, बल्कि इससे  हमारी सोचने की क्षमता में भी गिरावट आ जाती  है। हम अपने अंदर की  क्रिएटिविटी खो देते हैं, हमें फैसले लेने में घबराहट होती है।
  • ज्यादा तनाव सेरोटोनिन और डोपामाइन के स्तर को, बिगाड़ देता है, जो दिमाग के लिए जरूरी है। इस कारण, चिंता, अवसाद और अनिद्रा की परेशानी हो सकती है।
  • ज्यादा तनाव के कारण कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने से दिमाग और शरीर की सूजन को बढ़ जाती है, जो समय के साथ बढ़ सकती है। अगर इसका इलाज न किया जाए, तो अल्जाइमर या पार्किंसंस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
  •  ज्यादा तनाव से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स प्रभावित होता है। इसकी वजह से व्यक्ति चिड़चिड़ा, मूड स्विंग्स, अकेलापन और ओवर सेंसिटिविटी महसूस करता है।

दिमाग को तनाव से कैसे बचाएं?

  • नींद जरूरी है- रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद जरूर लें।
  • सांस पर ध्यान दें – गहरी सांस लेने से दिमाग तुरंत रिलैक्स होता है।
  • टाइम मैनेजमेंट करें – कामों की लिस्ट बनाकर प्रायोरिटी सेट करें।
  • बॉडी को मूव करें – रोज़ाना 20–30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज स्ट्रेस को घटाती है।
  • डिजिटल डिटॉक्स – थोड़ी देर मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहें।
  • लोगों से बात करें – अपनी फीलिंग्स शेयर करने से बोझ हल्का होता है।
  • पॉजिटिव एक्टिविटी – म्यूजिक, पढ़ना, मेडिटेशन या हॉबी टेंशन घटाते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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