
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Medically Verified By: Dr Tarun Sehgal
How To Identify A Naricissist Person: क्या आपको ऐसा लगता है कि आप अपने रिश्ते को सुधारने की हर कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी कुछ काम नहीं कर रहा है? वैसे तो किसी रिश्ते में तनाव कई कारणों से आ सकता है। लेकिन कई बार एक खराब रिश्ते की वजह एक नर्सिसिस्ट पार्टनर हो सकता है। ऐसे रिश्ते में सामने वाला व्यक्ति सिर्फ खुद के बारे में सोचता है, आपकी भावनाओं की कद्र नहीं करता और आपको हमेशा गलत साबित करने की कोशिश करता है, जिस वजह से आपके रिलेशनशिप में तनाव आने लगता है। वहीं, कभी-कभी ये तनाव इतना बढ़ जाता है कि यह कंडीशन आ जाती है कि कोई पार्टनर खुद को या सामने वाले को नुकसान तक पहुंचाने के बारे में सोचने लगता है। अगर ऐसा आपके साथ भी हो रहा है, तो सावधान हो जाइए क्योंकि हो सकता है कि आपका पार्टनर नार्सिसिस्ट हो। जो भी व्यक्ति इस सिंड्रोम का शिकार होता है, उसकी आदत होती है हर वक्त अपने आपको बेहतर दिखाने की। उसकी दुनिया बस अपने ही इर्द-गिर्द घूमती है। वह खुद के मुंह से तो अपनी तारीफ करता ही रहता है, साथ ही दूसरों से भी अपनी जबरदस्ती तारीफ करवाना चाहता हैे। ऐसे लोगों के साथ रहना चुनौती भरा हो सकता है। तो आइए, सीनियर मनोचिकित्सक और Solh Wellness एप के सह-संस्थापक डॉ।तरुण सहगल से जानते है कि आखिर नार्सिसिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर होता क्या है और इसके संकेत क्या होते है?
डॉ तरूण सहगल बताते हैं कि नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर (एनपीडी) एक मेंटल कंडीशन है। इस डिसऑर्डर में व्यक्ति खुद को बहुत आकर्षक समझता है और हर वक्त सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बने रहना चाहता है। वैसे तो खुद को लेकर कॉन्फिडेंस होना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन जो लोग इससे ज्यादा ग्रसित होते हैं, वो बिना मतलब के नखरे, ओवर कॉन्फिडेंस का दिखावा करके अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं। वे चाहते हैं कि लोग उनकी हर बात मानें। अगर कोई उनकी बात का विरोध करे या उनसे असहमत हो, तो वो इसे बर्दाश्त नहीं कर पाते।
डॉ तरुण ने कुछ ऐसे संकेत के बारे में भी बताया जिससे आप आसानी से ये पता लगा सकते है कि आपका पार्टनर नार्सिसिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर से जूझ रहा है -
वह कभी भी अपनी गलती नहीं मानता और हर बहस का अंत इसी पर होता है कि आप ही गलत हैं।
नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर का शिकार लोग हर वक्त तारीफ के भूखे रहते हैं। उन्हें अपनी तारीफ सुनकर अलग ही लेवल का सुकून मिलता है। अगर आप खुद से उनकी तारीफ नहीं करते, तो वो किसी न किसी बहाने और बातों से ऐसा आपसे करवाते हैं।
नार्सिसिस्ट लोग अक्सर बहुत चालाकी से पेश आते हैं और अपने मकसद पूरे करने के लिए दूसरों का इस्तेमाल कर लेते हैं। वे सिर्फ अपना फायदा देखते हैं, बिना यह सोचे कि सामने वाले पर क्या असर पड़ेगा। उन्हें बस अपनी जरूरतें और फायदा दिखता है, दूसरों की परेशानियों या जरूरतों की उन्हें कोई परवाह नहीं होती।
वह आपकी जरूरतों, दुख या थकावट को नजरअंदाज करता है। उसके लिए सिर्फ उसकी इच्छाएं और सुविधा मायने रखती है। जैसा कि इन्हें अपने में ही रहना पसंद है, तो जाहिर सी बात है इन्हें दूसरों की फीलिंग्स से कोई मतलब नहीं होता। पार्टनर का ऐसा बिहेवियर आपके रिश्ते के लिए खराब हो सकता है।
वह यह तय करना चाहता है कि आप क्या पहनें, किससे मिलें, क्या सोचें यानी आपकी जिंदगी उसके कंट्रोल में हो।
डॉ तरूण के मुताबिक नार्सिसिस्टों लोगों का मानना होता है कि उन्हें एकदम स्पेशल ट्रीटमेंट मिलनी चाहिए क्योंकि वो दूसरों से अलग हैं और जब उनकी इस चाहत को सामने वाला व्यक्ति पूरा नहीं करता, तो जाहिर सी बात है वो नाराज होकर, जिद्द करके उससे ऐसा करवाते हैं।
नार्सिसिस्ट बिहेवियर वाले लोग पार्टनर के साथ और करीबी रिश्तों में भी गैसलाइटिंग कर सकते हैं। दरअसल, गैसलाइटिंग एक साइकोलॉजिकल टेकनीक है, जिसमें बिना गलती के किसी शख्स को अपराधबोध (गिल्ट) महसूस कराया जाता है। वो आपको बार-बार इस तरह महसूस कराता है कि आप ही गलत सोच रहे हैं, आपकी याददाश्त कमजोर है या आप जरूरत से ज्यादा सोचते हैं।
डॉ तरुण बताते हैं कि इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप अपनी सीमाएं तय करें। मतलब, अपने पार्टनर से खुलकर बात करें और साफ-साफ बता दें कि आप किस हद तक क्या चीजें बर्दाश्त कर सकते हैं और किन चीजों को बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं करेंगे।इसके अलावा अपने पार्टनर से हर मुद्दे को लेकर खुलकर बात करें। उन्हें बताएं कि आप उनकी भावनाओं को समझते हैं ठीक इसी तरह उन्हें की आप पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि नार्सिसिस्ट पार्टनर आपको बात-बात कर खुद से कम दिखाने या आप में कमियां निकालने की कोशिश कर सकता है। ऐसा होने पर अपने आत्मसम्मान को बनाए रखने के लिए खुद को महत्व दें। इसके साथ ही, अगर सामने वाला पार्टनर इस डिसॉडर से जूझ रहा है, तो आपका फर्ज बनता है इस परिस्थिति को शांति से डील करने का। ऐसे में सबसे जरूरी है आपका खुद को शांत रखना। हालांकि इनके साथ बात करते समय आपको गुस्सा आ सकता है क्योंकि शायद ये आपकी ना सुने और सिर्फ अपनी ही बात कहें ऐसे में बातचीत के दौरान अपना संयम बनाए रखें। क्योंकि इससे झगड़े बढ़ सकते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
एक नार्सिसिस्ट पार्टनर रिश्ते में भावनात्मक शोषण, आत्म-संदेह, और आत्मसम्मान की कमी पैदा कर सकता है, जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर हो सकता है।
बदलाव तभी संभव है जब नार्सिसिस्ट व्यक्ति खुद को पहचान कर प्रोफेशनल हेल्प लेना चाहे, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है।
ऐसे रिश्ते में सीमाएं तय करना, आत्मसम्मान बनाए रखना और जरूरत पड़े तो प्रोफेशनल काउंसलिंग लेना जरूरी होता है।
अगर आपका पार्टनर हमेशा आपकी गलतियां निकालता है, आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करता है, खुद की तारीफ करवाना पसंद करता है और आपको मानसिक रूप से थका देता है, तो ये नार्सिसिज्म के संकेत हो सकते हैं।