
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : December 30, 2025 4:28 PM IST
Medically Verified By: Dr. Malini Saba
Kisi Ke Mann Ki Baat Kaise Pta Chalegi: हम सभी के मन में कभी न कभी यह सवाल जरूर आता है कि आखिर 'सामने वाला सच में क्या सोच रहा है?' कई बार लोग जो बोलते हैं, वह उनके दिल की असली भावना को पूरी तरह नहीं दिखाता। इंसानी मन बहुत जटिल होता है, लेकिन अगर हम ध्यान से देखें, तो कई बार वह अपने हाव-भाव, आंखों और शरीर की भाषा से अपनी भावनाएं जाहिर कर देता है। बस जरूरत है तो हमें उन इशारों को समझने की।
लेकिन यह कैसे करें? आप किसी के मन की बात सही से समझ पाए या अंदाजा लगा पाए, इसलिए हमने डॉक्टर मालिनी साबा से बात की। वह एक अनुभवी साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक हैं। उन्होंने बताया कि 'सामने वाले के मन को समझने के लिए 5 आसान और आम संकेत हैं, जिन्हें कोई भी व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में देख सकता है।' आइए आपको डॉक्टर के बताए इन तरीकों के बारे में बताएं।
अगर कोई व्यक्ति बात करते समय बार-बार इधर-उधर देख रहा है, मोबाइल या आसपास की चीजों की ओर ध्यान दे रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि उसका मन कहीं और है। कभी-कभी इसका मतलब होता है कि वह तनाव में है या आपकी बात में पूरी तरह दिलचस्पी नहीं ले रहा। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल एक बार ऐसा होना तय नहीं करता कि वह पूरी तरह असहज है, पूरे व्यवहार को देखना जरूरी है।
आंखें इंसान की भावनाओं का आईना होती हैं। जो व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ आपकी आंखों में देखकर बात करता है, वह आमतौर पर ईमानदार और जुड़ा हुआ महसूस करता है। वहीं, बार-बार आंखें चुराना यह दिखा सकता है कि वह असहज, घबराया हुआ या कुछ छुपा रहा है। हालांकि, कुछ लोग स्वभाव से ही कम आंखों में देखकर बात करते हैं, इसलिए इसे सही संदर्भ में देखना जरूरी है।
अगर कोई व्यक्ति खुलकर बैठता है, आपकी ओर झुकता है या हाथ खुले रखते हुए बात करता है, तो यह दर्शाता है कि वह आपकी बात ध्यान से सुन रहा है। लेकिन अगर वह हाथ बांधकर बैठा है, पीछे झुकता है या बार-बार अपनी जगह बदलता है, तो यह दूरी या असहमति का संकेत हो सकता है।

ध्यान से सुनना सबसे बड़ा संकेत है कि सामने वाला मन से जुड़ा हुआ है। अगर वह बीच-बीच में सिर हिलाकर आपकी बात को स्वीकार करता है और आपको पूरा बोलने देता है, तो समझें कि वह सच में सुन रहा है। लेकिन जो व्यक्ति बिना सुने या बीच में काटते हुए जवाब देता है, वह अक्सर अपने ही मन में कुछ और सोच रहा होता है।
आवाज का उतार-चढ़ाव और बोलने की गति भी बहुत कुछ बताती है। जब कोई असहज या परेशान होता है, तो उसकी आवाज या तो तेज हो जाती है या धीमी। रुक-रुक कर बोलना या शब्दों में झिझक, यह संकेत है कि उसके मन में उलझन या चिंता है। आप डॉक्टर की बताई इन बातों को ध्यान में रखें और फिर देखें कैसे आप धीरे-धीरे लोगों को व उनके मन की बातों को समझने लगते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
सामने वाला सच बोल रहा है या नहीं, यह जानने के लिए उसकी बॉडी लैंग्वेज (आंखें, हाथ, चेहरे के हाव-भाव), बोलने के तरीके (आवाज़ का उतार-चढ़ाव, शब्दों का चुनाव) और कहानी में स्थिरता (ज्यादा जानकारी देना या टालना) जैसे संकेतों पर ध्यान दें।
इसे सीखने के लिए सक्रिय रूप से सुनना, बारीकी से ऑब्ज़र्व करना, और लोगों के व्यवहार के पैटर्न को समझना ज़रूरी है, जिसके लिए अभ्यास और अनुभव चाहिए, न कि कोई अलौकिक शक्ति।
किसी के मन की बात जानने के लिए उसकी बॉडी लैंग्वेज (हाव-भाव, आँखें, हाथ), बोलने का तरीका और शब्दों के पीछे छिपे भावों पर ध्यान देना चाहिए।