
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : December 16, 2025 4:01 PM IST
Medically Verified By: Dr. Malini Saba
Anxiety Se Kaise Deal Kare: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में एंग्जाइटी (घबराहट या बेचैनी) एक आम लेकिन अक्सर अनदेखी जाने वाली समस्या बन चुकी है। कई बार हम इसे 'थकान', 'तनाव' या 'बस ऐसा ही लग रहा है' कहकर टाल देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि एंजायटी सिर्फ मन में नहीं, शरीर में भी साफ संकेत देती है। कई लोगों को तो परेशानी के समय समझ ही नहीं आता है कि उनके साथ क्या हो रहा है या वो खुद को कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे हैं।
हमने इस विषय पर महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक और सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर मालिनी सबा से बात की। उन्होंने बताया कि अगर हम समय रहते इन संकेतों को पहचान लें, तो खुद को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। इसलिए उन्होंने 5 ऐसे शारीरिक संकेतों के बारे में बताया है जो किसी को भी एंग्जाइटी होने पर दिखते हैं। जिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। तो आइए बिना देर किए एंग्जाइटी के लक्षणों के बारे में जानें, ताकि किसी को इस दलदल से बाहर निकालने में और समझने में हमें मदद मिले।
अगर बिना किसी शारीरिक मेहनत के अचानक दिल जोर-जोर से धड़कने लगे, सीने में घबराहट महसूस हो या सांस तेज हो जाए, तो यह एंग्जाइटी का प्रमुख संकेत हो सकता है। कई लोग इसे हार्ट प्रॉब्लम समझकर डर जाते हैं, जिससे एंजायटी और बढ़ जाती है।
एंग्जाइटी के दौरान अक्सर ऐसा लगता है कि सांस पूरी नहीं आ रही या बार-बार गहरी सांस लेने की जरूरत पड़ रही है। यह शरीर की 'फाइट या फ्लाइट' वाली प्रतिक्रिया का हिस्सा होता है। जिसमें दिमाग खतरे को महसूस कर लेता है, चाहे असल में खतरा हो या नहीं।
डॉक्टर ने बताया कि बार-बार पेट में दर्द, गैस, एसिडिटी, मतली या दस्त की समस्या भी एंग्जाइटी से जुड़ी हो सकती है। हमारा दिमाग और पेट आपस में गहराई से जुड़े होते हैं। इसलिए मानसिक बेचैनी का असर सबसे पहले पाचन तंत्र पर दिखता है।
कंधों, गर्दन, जबड़े या पीठ में लगातार जकड़न या दर्द रहना इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका शरीर लगातार तनाव में है। कई बार लोग बिना वजह सिरदर्द या बॉडी पेन की शिकायत करते हैं, जबकि जड़ में एंजायटी होती है। लोगों का यह समझना बहुत जरूरी है कि एंग्जाइटी में शरीर में भी दर्द होता है।
अगर आप बिस्तर पर लेटने के बाद भी दिमाग बंद नहीं कर पा रहे, बार-बार नींद खुल जाती है या सुबह उठकर भी थकान महसूस होती है, तो यह एंग्जाइटी का स्पष्ट संकेत है। पर्याप्त नींद न मिलने से समस्या और गंभीर हो सकती है।
सबसे पहला कदम है- स्वीकार करना। एंजायटी कोई कमजोरी नहीं है, बल्कि शरीर और मन का संकेत है कि कुछ ध्यान मांग रहा है। इसके लिए अपनी सांसों पर ध्यान दें, धीमी और गहरी ब्रीदिंग करें, कैफीन और अत्यधिक स्क्रीन टाइम कम करें, नियमित वॉक, योग या हल्का व्यायाम अपनाएं, अपनी भावनाएं किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें आदि-आदि।
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना बेहद जरूरी है। समय पर समझ और देखभाल से एंग्जाइटी को नियंत्रित किया जा सकता है। याद रखें कि अपने शरीर की बात सुनना, खुद से प्यार करने की सबसे पहली निशानी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
एंग्जायटी (चिंता) में आपको कैफीन, शराब, ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थ (मिठाई, सोडा), और प्रोसेस्ड/तले हुए खाने (ट्रांस फैट) से बचना चाहिए।
सामान्य चिंता कुछ देर से लेकर कुछ दिनों तक रह सकती है और ट्रिगर खत्म होने पर चली जाती है, जबकि चिंता विकार (जैसे GAD) कई महीनों या सालों तक रह सकता है।
एंग्जायटी (चिंता) के लक्षणों में घबराहट, बेचैनी, दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना, सांस लेने में दिक्कत, नींद न आना, पेट खराब होना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना।