
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : April 23, 2026 4:28 PM IST
Medically Verified By: Dr. Malini Saba
Image credits by: किताबों से स्टेस कम कैसे करें?
Books Read Karne Se Dimag Par Kya Asar Hota Hai: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सभी 'मानसिक शांति' की तलाश में रहते हैं। कोई जिम जाता है, तो कोई वेब सीरीज देखता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर के किसी कोने में धूल खा रही वह किताब आपकी मेंटल हेल्थ के लिए एक जादुई दवा साबित हो सकती है?
साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा बताती हैं कि बतौर मनोवैज्ञानिक, मैं अक्सर लोगों को 'बिब्लियोथेरेपी' (Bibliotherapy) यानी किताबों के जरिए स्ट्रेस के इलाज की सलाह देती हूं।’ इसके बाद उन्होंने कई जानकारी दी, आइए हम आपको इस विषय पर विस्तार से बताते हैं।
डॉक्टर बताती हैं कि जब आप किसी अच्छी कहानी या किताब में खो जाते हैं, तो आपका दिमाग एक अलग दुनिया में चला जाता है। साइंटिफिक फैक्ट की बात करें तो ससेक्स यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक, सिर्फ 6 मिनट की रीडिंग आपके स्ट्रेस लेवल को 68% तक कम कर सकती है। यह संगीत सुनने या टहलने जाने से भी ज्यादा तेजी से काम करता है क्योंकि यह आपकी मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और हार्ट रेट को धीमा करता है।
साइकोलॉजिस्ट सबा कहती हैं कि जब हम किसी काल्पनिक चरित्र के संघर्ष और भावनाओं के बारे में पढ़ते हैं, तो हमारा दिमाग अनजाने में ही दूसरों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। इसे हम 'एम्पैथी' कहते हैं। असल जिंदगी में भी यह हमारे रिश्तों को बेहतर बनाने और अकेलेपन की भावना को कम करने में मदद करता है।
सोने से पहले मोबाइल स्क्रॉल करना हमारे दिमाग को थका देता है, जोकी ब्लू लाइट की वजह से होता है। इसके उलट, एक फिजिकल किताब पढ़ना दिमाग को संकेत देता है कि अब 'शटडाउन' होने का वक्त आ गया है। इससे नींद गहरी और सुकून भरी आती है।
जब आप एक अच्छी किताब, खासकर सेल्फ-हेल्प या प्रेरणादायक कहानियां पढ़ते हैं तो यह हमें ऐसा अहसास कराती हैं कि हम अपनी समस्याओं में अकेले नहीं हैं। किताबें हमारा एक तरह का सपोर्ट सिस्टम बनती हैं, जो कठिन समय में उम्मीद जगाती हैं और हमें हौसला देती है।
अगर आप बहुत अधिक स्ट्रेस में रहते हैं और पढ़ने की आदत भी नहीं है, तो डॉक्टर के बताए ये छोटे स्टेप्स आपकी मदद कर सकते हैं, जैसे-
कैसे शुरू करें- शुरुआत में अपने लक्ष्य को छोटा रखें, एक बार में पूरी किताब पढ़ने की बजाय शुरुआती दिनों में 2-3 या फिर 5 पन्ने पढ़ें।
पसंद का चुनाव- जरूरी नहीं कि अगर आप पहली बार में ही कुछ अच्छा पढ़ना चाहते हैं तो भारी-भरकम साहित्य ही चुनें। सभी जेनर की किताबें अच्छी होती हैं, जिसमें आप फिक्शन, नॉन-फिक्शन, कॉमिक्स या सस्पेंस थ्रिलर से भी शुरुआत कर सकते हैं।
डिजिटल डिटॉक्स- इसके अलावा रात को सोने से पहले अपने हाथ में फोन लेने की बजाय किताब लें। यह आपकी आंखों को भी रेस्ट देगी और दिमाग को भी तेज करेगी।
माहौल बनाएं- कभी-कभी हमारा सारा मूड माहौल पर निर्भर करता है, ऐसे में अगर आप एक कप चाय और शांत कोना पकड़कर किताब पढ़ें तो मजा ही आ जाए। हर कोई पढ़ने के लिए ऐसा सेटअप चाहता है।
किताबें सिर्फ जानकारी का जरिया नहीं हैं, बल्कि वे आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक जिम की तरह काम करती हैं। अगली बार जब आप बहुत ज्यादा परेशान या स्ट्रेस में हों, तो रील स्क्रॉल करने के बजाय एक रीयल किताब उठाकर पढ़ें। यह आपके स्ट्रेस को कम करेगा और दिमाग को शांत रखेगा।
ज्यादा तनाव (Stress) कम करने के लिए गहरी सांस लेने के व्यायाम, नियमित योग/ध्यान, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) और प्रकृति के बीच समय बिताना बहुत प्रभावी है।
तनाव रहित रहने के लिए नियमित व्यायाम (जैसे सैर या योग), गहरी सांस लेने के अभ्यास (प्राणायाम), ध्यान (meditation), और पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है।
हाँ, किताबें पढ़ने से स्ट्रेस (तनाव) बहुत प्रभावी ढंग से कम होता है। University of Sussex की एक स्टडी के अनुसार, सिर्फ 6 मिनट की रीडिंग तनाव को 68% तक कम कर सकती है, जो टहलने या संगीत सुनने से ज्यादा असरदार है।
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