आप भी हर बात पर करते हैं Overthinking? जानें इससे दिमाग पर क्या असर पड़ता है

Overthinking एक आम समस्या बनती जा रही है, ज्यादातर लोग इससे घिरे रहते हैं। यह मेंटल हेल्थ के साथ ही, दिमाग को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : February 18, 2026 4:08 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Pavitra Shankar

Overthinking Affects Brain Health: आज की तेज रफ्तार भरी जिंदगी में Overthinking एक बेहद आम समस्या बनती जा रही है। इसमें व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सोचने लगता है, जो लोगों में मानसिक समस्या बनती जा रही है। इसमें छोटी-छोटी बातों पर बार-बार सोचते रहना, बीते हुए पलों को याद करना या आने वाले समय को लेकर लगातार चिंता में बने रहना ही Overthinking के संकेत हैं। कई लोग ओवरथिंकिंग को सामान्य मान लेते हैं, लेकिन आपको बता दें कि यह आपके दिमाग को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। Overthinking तब शुरू होती है, जब दिमाग किसी एक विचार पर अटक जाता है और उससे बाहर नहीं पानी मुश्किल सा लगता है। यह स्थिति मानसिक थकान का कारण बन सकती है। आइए, आकाश हेल्थकेयर की एसोसिएट कंसल्टेंट-साइकेट्रिस्ट डॉ. पवित्रा शंकर (Dr. Pavitra Shankar, Associate Consultant- Psychiatry, Aakash healthcare) से जानते हैं ओवरथिंकिंग करने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है?

Overthinking का दिमाग पर क्या असर पड़ता है?

  • जो लोग ओवरथिंकिंग करते हैं, उनके दिमाग को बिल्कुल आराम नहीं मिल पाता है। उनके दिमाग में हर वक्त कुछ-न-कुछ चलता रहता है। इससे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगता है और ब्रेन यानी दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। लंबे समय तक Overthinking करने से ध्यान केंद्रित करने में भी परेशानी होती है। इससे याददाश्त कमजोर होने लगती है और धीरे-धीरे एकाग्रता कम होने लगती है। ओवरथिंकिंग करने से निर्णय लेने की क्षमता कम होने लगती है।
  • Overthinking दिमाग को हमेशा “अलर्ट मोड” में रखती है। यानी दिमाग पहले से ही काफी कुछ सोच चुका होता है। इससे नींद भी प्रभावित होती है। इससे व्यक्ति देर में सोता है और उसकी बार-बार नींद टूटती है। ओवरथिंकिंग करने से चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ सकता है।
  • Overthinking करने से एंग्जाइटी और डिप्रेशन का खतरा भी बढ़ता है। इससे बार-बार नेगेटिविटी आती है और कॉन्फिडेंस लेवल कम होने लगता है। इस स्थिति में व्यक्ति खुद पर और दूसरों पर भी शक करने लगता है।

शरीर पर भी पड़ता है Overthinking का असर

Overthinking का प्रभाव सिर्फ दिमाग तक सीमित नहीं रहता है, यह शरीर को भी प्रभावित करता है। लंबे समय तक ओवरथिंकिंग करने और तनाव में रहने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। जैसे-

Overthinking कैसे करें कंट्रोल?

  • अगर आप ओवरथिंकिंग करते हैं, तो आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।
  • अपने विचारों को लिखें। इससे दिमाग हल्का महसूस करेगा।
  • रोजाना कुछ समय खुद के लिए निकालें। इस दौरान मेडिटेशन करें।
  • तनाव कम करने के लिए प्राणायाम और योगका सहारा लें।
  • मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से ब्रेक लें।
  • पूरी नींद लें और फिजिकली एक्टिव जरूर रहें।
अगर Overthinking लंबे समय तक बनी रहे और आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि, Overthinking सुनने में भले ही छोटी समस्या लगे, लेकिन यह ब्रेन और मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डालता है।

Highlights:

  • ओवरथिंकिंग एक आम समस्या बनती जा रही है।
  • यह दिमाग और शरीर पर असर डालता है।
  • ओवरथिंकिंग कम करने के लिए मेडिटेशन बहुत जरूरी है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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