'क्या ब्रेकअप के बाद हम दोस्त बन कर रह सकते हैं?' हां कहकर साइकोलॉजिस्ट ने रख दी 5 शर्तें

Friendship After Breakup: क्या आपके पार्टनर ने भी ब्रेकअप के बाद दोस्ती रखने के लिए कहा है? अगर हां तो पहले अपने रिश्ते को इन 5 शर्तों से नाप लें। ताकि आपकी फीलिंग फिर से हर्ट न हों।

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Written By: Vidya Sharma | Published : February 2, 2026 6:51 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Malini Saba

Breakup Ke Baad Dosti: ब्रेकअप के बाद कुछ कपल एक दूसरे को ब्लॉक कर देते हैं, तो कुछ दोस्त बने रहने का फैसला करते हैं। लेकिन क्या हम ऐसे इंसान के साथ दोस्त की तरह रह सकते हैं जिससे हमने कई सालों तक प्यार किया हो, अपनी भावनाएं शेयर की हों और जिसके साथ इंटीमेट हुए हों! ब्रेकअप के बाद सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल भी यही होता है 'क्या हम दोस्त बनकर रह सकते हैं?' आज के समय में रिश्ते जितनी जल्दी बनते हैं, उतनी ही जल्दी टूट भी जाते हैं। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि अगर प्यार खत्म हो गया, तो क्या दोस्ती बची रह सकती है?

इस विषय पर हमने साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा से बात कीं। उन्होंने इस पर हामी भरते हुए कहा कि "ब्रेकअप के बाद दोस्ती संभव है, लेकिन यह हर रिश्ते के लिए सही हो, ऐसा जरूरी नहीं। इसके लिए मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन बहुत जरूरी होता है।" साथ ही डॉक्टर ने ब्रेकअप के बाद दोस्ती रखने वाले कपल के लिए 5 शर्तें भी रखी हैं। आइए आपको बताते हैं डॉक्टर ने सभी कपल्स के बीज कौन सी 5 शर्ते रख दी हैं।

रिश्ते क्यों टूटते हैं? आंकड़े क्या बताते हैं

रिलेशनशिप रिसर्च वेबसाइट बेडबाइबल (Bedbible) के अनुसार, करीब 94 प्रतिशत रोमांटिक रिश्ते जीवन में किसी न किसी मोड़ पर टूट जाते हैं और दोबारा पहले जैसे नहीं रहते। यह बताता है कि ब्रेकअप आज की सामाजिक सच्चाई बन चुका है। वहीं रिसर्च प्लेटफॉर्म गिटनक्स (Gitnux) के अनुसार, लगभग 65 प्रतिशत जोड़े ब्रेकअप में संचार की कमी को मुख्य कारण मानते हैं। यानी लोग साथ रहते हैं, लेकिन अपनी भावनाएं, जरूरतें और परेशानियां खुलकर साझा नहीं कर पाते।

तो क्या ब्रेकअप के बाद दोस्त बनना सही है?

डॉक्टर मालिनी साबा कहती हैं कि दोस्ती तभी संभव है जब दोनों लोग भावनात्मक रूप से उस रिश्ते से बाहर आ चुके हों। इसके लिए उन्होंने 5 जरूरी शर्तें बताई हैं।

शर्त 1: ब्रेकअप को दिल से स्वीकार किया गया हो

अगर मन के किसी कोने में यह उम्मीद बची है कि रिश्ता दोबारा जुड़ सकता है, तो दोस्ती उलझन बन जाती है। दोस्त बनने से पहले यह मानना जरूरी है कि रिश्ता खत्म हो चुका है। तभी आप अपने पार्टनर के साथ दोस्ती का रिश्ता निभा पाएंगे और अगर साथ ही किसी नए रिश्ते में जुड़ना है तो जुड़ पाएंगे।

शर्त 2: भावनात्मक दर्द से उबर चुके हों

ब्रेकअप के तुरंत बाद दोस्ती की कोशिश अक्सर दर्द को बढ़ा देती है। जब तक गुस्सा, उदासी या शिकायतें शांत न हों, तब तक दोस्ती मानसिक शांति नहीं दे सकती। इसलिए जब आप पूरी तरह से मूवओन कर लें और लाइफ में आगे बढ़ जाएं तो तभी अपने एक्स के साथ दोस्ती का फैसला लें।

शर्त 3: नए रिश्तों का सम्मान हो

अगर आप या आपका एक्स किसी नए रिश्ते में हैं, तो दोस्ती में ईमानदारी और स्पष्टता जरूरी है। छुपी भावनाएं या तुलना दोस्ती को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

शर्त 4: सीमाएं साफ तय हों

दोस्ती का मतलब यह नहीं कि पहले जैसी कॉल्स, मैसेज या भावनात्मक सहारा चलता रहे। अब रिश्ते की भूमिका बदल चुकी है, इसलिए सीमाएं तय करना जरूरी है।

शर्त 5: दोस्ती का कारण सही हो

अगर दोस्ती अकेलेपन, डर या आदत के कारण हो रही है, तो वह लंबे समय तक नहीं टिकती। दोस्ती तभी सही है जब आप बिना किसी उम्मीद के एक-दूसरे की भलाई चाहते हों।

हर ब्रेकअप के बाद दोस्ती जरूरी नहीं

डॉक्टर मालिनी साबा मानती हैं कि कई बार पूरी दूरी ही सबसे अच्छा समाधान होती है। अगर दोस्ती आपको उलझन, तनाव या भावनात्मक असंतुलन देती है, तो खुद को प्राथमिकता देना बिल्कुल सही फैसला है।

आखिर में समझने वाली बात

आंकड़े बताते हैं कि रिश्तों का टूटना आम है, लेकिन हर टूटे रिश्ते को दोस्ती में बदलना जरूरी नहीं। ब्रेकअप के बाद दोस्ती तभी संभव है जब दोनों लोग भावनात्मक रूप से स्वतंत्र हों, संवाद साफ हो और सीमाएं स्पष्ट हों। रिश्ता खत्म होना असफलता नहीं है, बल्कि कई बार यह खुद को बेहतर समझने और आगे बढ़ने का मौका होता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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