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Medically Verified By: Dr Parth Nagda
Board Exam Se Pehle Dimag Ko Shant Kaise Rakhe: परीक्षाएं असल में आपकी समझने की क्षमता और याददाश्त की ताकत को परखने का एक तरीका होती हैं। इससे जुड़ा तनाव और घबराहट बिल्कुल सामान्य भावनाएं हैं। लेकिन हिम्मत और पॉजिटिव सोच के साथ इन पर काबू पाना ही सबसे जरूरी बात है। खुद को पॉजिटिव सोच के साथ कल्पना में देखें, जैसे आप स्कूल टॉपर बन रहे हों।
अपने जीवन की एक बड़ी तस्वीर की कल्पना करें, जहां आप एक अच्छा और खुशहाल जीवन जी रहे हों। याद रखें कि परीक्षाएं जरूरी हैं, लेकिन भविष्य में सफल होने का यही एकमात्र रास्ता नहीं है। जितना ज्यादा आप खुद पर भरोसा करेंगे, उतना ही आसान आपके लिए परीक्षा पास करना होगा।
हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एग्जाम की टेंशन और माता-पिता के प्रेशर के चलते कई बच्चे घंटों पढ़ते रहते हैं और जब बारी आती है परीक्षा देने की तो वह खुद को सब भूला हुआ पाते हैं। उनके साथ ऐसा क्यों होता है? यह जानने के लिए हमने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, नवी मुंबई के कंसल्टेंट साइकियाट्रिक डॉक्टर पार्थ नागड़ा से बात की। उन्होंने इस विषय को दो भागों में बांटकर विस्तार से समझाया है। पहला है- 'आप पढ़ाई की तैयारी कैसे करते हैं?' और दूसरा है 'आप परीक्षा का सामना करने की तैयारी कैसे करते हैं?' इन गाइडलाइन्स को अपनाने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि आपकी ताकत क्या है और अपनी कमजोरियों को स्वीकार करना भी उतना ही जरूरी है। आइए डॉक्टर ने क्या बताया, यह जानते हैं।

कई बच्चे परीक्षा से पहले एक बार सब कुछ फिर से पढ़ लेना चाहते हैं। आप ऐसा बिल्कुल न करें। इससे आपका आत्मविश्वास कमजोर होता है, क्योंकि जैसे ही हम किताब देखना शुरू करते हैं, हमें कुछ न कुछ ऐसा दिखता है जो पढ़ा न हो या जिसे हमने कम जरूरी समझ कर छोड़ दिया हो। ऐसे में हम अधिक स्ट्रेस लेने लगते हैं। इसलिए बच्चों को सलाह दी जाती है कि आप परीक्षा से पहले लास्ट में की जाने वाली तैयार से बचें।
कुछ बच्चे एग्जाम वाले दिन ही अपना बैग, पैन, पैंसल या सब्जेक्ट वाइज परीक्षा के समय इस्तेमाल होने वाली चीजों को रखना शुरू करते हैं। इससे समय बर्बाद होता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप परीक्षा से एक दिन पहले इस तरह की छोटी-मोटी तैयारियां कर लें, जिससे आपका अगले दिन परेशानी नहीं होगी।
ये गलती बिल्कुल न करें कि आप ज्यादा पढ़ने की चक्कर में अपनी नींद का ही त्याग कर दें। अच्छी सेहत, तेज और फोकस वाले दिमाग के लिए अच्छी नींद लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। साथ ही इसी के साथ जरूरी है पौष्टिक खाना, जो आपकी शारीरिक ताकत बढ़ाने के लिए जरूरी होता है।
इस बात को समझें और गांठ बांध लें कि हम सभी किसी न किसी तरह से एक दूसरे से अलग हैं। ऐसे में न ही आप खुद को क्लास के टॉपर से कम्पेयर करें और न ही फेल होने वाले व्यक्ति से। आप बस अपनी मेहनत करें। हर इंसान अलग होता है, इसलिए उनका पढ़ने का तरीकाऔर रिजल्ट भी अलग ही होता है।
कई बार हम पढ़ते समय या फिर पुराने पेपर सॉल्व करते समय ही डर जाते हैं कि यह कितना मुश्किल है या यह मुझसे नहीं हो पाएगा आदि-आदि। अगर आप फेल होते भी हैं तो इससे डरे नहीं, बल्कि अपने असफलताओं से सीखें, तभी भविष्य में आप बहुत आगे बढ़ेंगे।

बच्चों को यह समझने की बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि पास होने के लिए कभी-कभी फेल होना भी जरूरी होता है। तभी हमें अपनी जीत का स्वाद अधिक लगता है। पढ़ाई से लेकर कॉलेज और नौकरी आदि तक हर संघर्ष में यह बात याद रखें।
परीक्षाएं आपकी समझ और याददाश्त की परीक्षा होती हैं। तनाव और घबराहट दो ऐसी भावनाएं हैं जो परीक्षाओं से जुड़ी होती हैं। लेकिन रिजल्ट चाहे जैसा भी हो, हिम्मत और पॉजिटिव सोच के साथ इन पर काबू पाना ही सबसे जरूरी है। खुद को अच्छे रिजल्ट के साथ सोचें और अपने जीवन की एक बड़ी और खुशहाल तस्वीर की कल्पना करें। बेशक परीक्षाओं में अच्छा करना जरूरी है, लेकिन यह सफलता का अकेला रास्ता नहीं है और आज के समय में करियर के कई सारे विकल्प मौजूद हैं।
डॉक्टर ने पढ़ने के तरीके को भी दो हिस्सों में बांटा है, जिसमें पहला है पढ़ाई की तैयारी और दूसरा है परीक्षा देने की तैयारी।
अगर आपको बहुत ज्यादा घबराहट, ध्यान लगाने में परेशानी या पैनिक अटैक होते हैं, तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन करें। अगर इससे भी राहत न मिले तो परीक्षा से जुड़े तनाव, घबराहट, पैनिक अटैक, डिप्रेशन या असफलता के डर के लिए किसी अच्छे साइकियाट्रिस्ट से सलाह जरूर लें।