Board Exam and Stress: पेपर हाथ में आते ही बच्चा पढ़ा हुआ सब क्यों भूल जाता है?

Board Exam Dete Time Hum Sab Kyu Bhul Jate Hain: अगर आप भी एग्जाम के समय पढ़ा हुआ सब भूल जाते हैं तो डॉक्टर से जानें ऐसा क्यों होता है? पढ़ने का सही तरीका क्या है? और परीक्षा का सामना कैसे किया जाना चाहिए।

WrittenBy

Written By: Vidya Sharma | Updated : February 26, 2026 12:36 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr Parth Nagda

Board Exam Se Pehle Dimag Ko Shant Kaise Rakhe: परीक्षाएं असल में आपकी समझने की क्षमता और याददाश्त की ताकत को परखने का एक तरीका होती हैं। इससे जुड़ा तनाव और घबराहट बिल्कुल सामान्य भावनाएं हैं। लेकिन हिम्मत और पॉजिटिव सोच के साथ इन पर काबू पाना ही सबसे जरूरी बात है। खुद को पॉजिटिव सोच के साथ कल्पना में देखें, जैसे आप स्कूल टॉपर बन रहे हों।

अपने जीवन की एक बड़ी तस्वीर की कल्पना करें, जहां आप एक अच्छा और खुशहाल जीवन जी रहे हों। याद रखें कि परीक्षाएं जरूरी हैं, लेकिन भविष्य में सफल होने का यही एकमात्र रास्ता नहीं है। जितना ज्यादा आप खुद पर भरोसा करेंगे, उतना ही आसान आपके लिए परीक्षा पास करना होगा।

हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एग्जाम की टेंशन और माता-पिता के प्रेशर के चलते कई बच्चे घंटों पढ़ते रहते हैं और जब बारी आती है परीक्षा देने की तो वह खुद को सब भूला हुआ पाते हैं। उनके साथ ऐसा क्यों होता है? यह जानने के लिए हमने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, नवी मुंबई के कंसल्टेंट साइकियाट्रिक डॉक्टर पार्थ नागड़ा से बात की। उन्होंने इस विषय को दो भागों में बांटकर विस्तार से समझाया है। पहला है- 'आप पढ़ाई की तैयारी कैसे करते हैं?' और दूसरा है 'आप परीक्षा का सामना करने की तैयारी कैसे करते हैं?' इन गाइडलाइन्स को अपनाने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि आपकी ताकत क्या है और अपनी कमजोरियों को स्वीकार करना भी उतना ही जरूरी है। आइए डॉक्टर ने क्या बताया, यह जानते हैं।

फेज 1 – पढ़ाई करने के टिप्स

  1. छोटे और आसानी से पूरे होने वाले लक्ष्य तय करें- इससे आप अपने टारगेट को समझदारी से हासिल कर पाएंगे। 30 मिनट पढ़ाई करें, 10 मिनट में रिवीजन करें और फिर 15 मिनट का ब्रेक लें।
  2. नोट्स बनाएं- लिखने से आपकी याददाश्त तेज होती है, खासकर अगर आप धीरे सीखते हैं।
  3. आत्मविश्वास न खोएं- अगर कुछ सीखना मुश्किल लगे तो हार न मानें। कोशिश करते रहें और रोज थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करें।
  4. डायग्राम का इस्तेमाल करें- एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। जितना ज्यादा आप पढ़ाई को चित्रों के रूप में समझाएंगे, उतना ही आसान उसे याद रखना होगा।
  5. समय तय करके पढ़ें- इससे परीक्षा के दौरान टाइम मैनेजमेंट बेहतर होगा।
  6. दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करें- इससे नई चीजें सीखने का ज्यादा मौका मिलता है।

फेज 2 – परीक्षा का सामना करना

आखिरी समय की तैयारी से बचें

कई बच्चे परीक्षा से पहले एक बार सब कुछ फिर से पढ़ लेना चाहते हैं। आप ऐसा बिल्कुल न करें। इससे आपका आत्मविश्वास कमजोर होता है, क्योंकि जैसे ही हम किताब देखना शुरू करते हैं, हमें कुछ न कुछ ऐसा दिखता है जो पढ़ा न हो या जिसे हमने कम जरूरी समझ कर छोड़ दिया हो। ऐसे में हम अधिक स्ट्रेस लेने लगते हैं। इसलिए बच्चों को सलाह दी जाती है कि आप परीक्षा से पहले लास्ट में की जाने वाली तैयार से बचें।

परीक्षा से एक दिन पहले सारी जरूरी चीजें तैयार रखें

कुछ बच्चे एग्जाम वाले दिन ही अपना बैग, पैन, पैंसल या सब्जेक्ट वाइज परीक्षा के समय इस्तेमाल होने वाली चीजों को रखना शुरू करते हैं। इससे समय बर्बाद होता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप परीक्षा से एक दिन पहले इस तरह की छोटी-मोटी तैयारियां कर लें, जिससे आपका अगले दिन परेशानी नहीं होगी।

सेहत और नींद से कभी समझौता न करें

ये गलती बिल्कुल न करें कि आप ज्यादा पढ़ने की चक्कर में अपनी नींद का ही त्याग कर दें। अच्छी सेहत, तेज और फोकस वाले दिमाग के लिए अच्छी नींद लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। साथ ही इसी के साथ जरूरी है पौष्टिक खाना, जो आपकी शारीरिक ताकत बढ़ाने के लिए जरूरी होता है।

खुद की तुलना दूसरों से न करें

इस बात को समझें और गांठ बांध लें कि हम सभी किसी न किसी तरह से एक दूसरे से अलग हैं। ऐसे में न ही आप खुद को क्लास के टॉपर से कम्पेयर करें और न ही फेल होने वाले व्यक्ति से। आप बस अपनी मेहनत करें। हर इंसान अलग होता है, इसलिए उनका पढ़ने का तरीकाऔर रिजल्ट भी अलग ही होता है।

असफलता के बारे में न सोचें

कई बार हम पढ़ते समय या फिर पुराने पेपर सॉल्व करते समय ही डर जाते हैं कि यह कितना मुश्किल है या यह मुझसे नहीं हो पाएगा आदि-आदि। अगर आप फेल होते भी हैं तो इससे डरे नहीं, बल्कि अपने असफलताओं से सीखें, तभी भविष्य में आप बहुत आगे बढ़ेंगे।

असफलता सफलता का ही एक हिस्सा होती है

बच्चों को यह समझने की बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि पास होने के लिए कभी-कभी फेल होना भी जरूरी होता है। तभी हमें अपनी जीत का स्वाद अधिक लगता है। पढ़ाई से लेकर कॉलेज और नौकरी आदि तक हर संघर्ष में यह बात याद रखें।

हमेशा अच्छे रिजल्ट के बारे में सोचें

परीक्षाएं आपकी समझ और याददाश्त की परीक्षा होती हैं। तनाव और घबराहट दो ऐसी भावनाएं हैं जो परीक्षाओं से जुड़ी होती हैं। लेकिन रिजल्ट चाहे जैसा भी हो, हिम्मत और पॉजिटिव सोच के साथ इन पर काबू पाना ही सबसे जरूरी है। खुद को अच्छे रिजल्ट के साथ सोचें और अपने जीवन की एक बड़ी और खुशहाल तस्वीर की कल्पना करें। बेशक परीक्षाओं में अच्छा करना जरूरी है, लेकिन यह सफलता का अकेला रास्ता नहीं है और आज के समय में करियर के कई सारे विकल्प मौजूद हैं।

पढ़ने का तरीका

डॉक्टर ने पढ़ने के तरीके को भी दो हिस्सों में बांटा है, जिसमें पहला है पढ़ाई की तैयारी और दूसरा है परीक्षा देने की तैयारी।

भाग 1- पढ़ाई के टिप्स

  1. अपने लक्ष्य छोटे और पूरे होने लायक रखें, न कि ऐसे असंभव लक्ष्य जैसे पूरी रात जागकर पढ़ाई करना। 25–30 मिनट पढ़ें, फिर जो पढ़ा है उसे दोबारा पढ़ें और रिवीजन करने में 10 मिनट लगाएं। इसके बाद 15 मिनट का अच्छा ब्रेक लें। कुछ ताजा महसूस कराने वाला काम करें, थोड़ा टहलें, कुछ खाएं और फिर उसी तरीके से दोबारा पढ़ाई शुरू करें। इससे आप अपना सिलेबस समझदारी से पूरा कर पाएंगे।
  2. किताब से जो समझा और टीचर ने जो पढ़ाया, दोनों को मिलाकर अपने खुद के नोट्स बनाएं। लिखने से आपकी याददाश्त बेहतर होती है।
  3. आत्मविश्वास रखें। उम्मीद न छोड़ें और मुश्किल हिस्सों को छोटे-छोटे भागों में बांटकर आसानी से सीखने की कोशिश करें। रोज़ अभ्यास करते रहें और धीरे-धीरे आप पूरा कर लेंगे।
  4. तस्वीरों का इस्तेमाल करें। डायग्राम जल्दी समझ में आते हैं और उनसे याद करना और रिवीजन करना आसान होता है।
  5. पढ़ाई के लिए एक तय समय सारणी बनाएं। इससे आपका ध्यान बना रहेगा और आप जरूरत से ज्यादा खुद पर दबाव नहीं डालेंगे।
  6. रोज 7–8 घंटे की नींद लें। दिन भर जो आपने पढ़ा है, वह नींद के दौरान दिमाग में लंबे समय के लिए याददाश्त में बदलता है, इसलिए नींद से समझौता न करें।
  7. अगर किसी विषय में दिक्कत हो, तो दोस्त से मदद लें और उसके साथ मिलकर पढ़ाई करें।
  8. घर का बना अच्छा खाना खाएं और अखरोट व बादाम जैसे ड्राई फ्रूट भी शामिल करें।
  9. रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें। इससे आपके दिमाग की क्षमता बढ़ती है।

भाग 2- परीक्षा देना

  1. आखिरी समय में कुछ भी अतिरिक्त न पढ़ें, क्योंकि इससे घबराहट बढ़ेगी और आत्मविश्वास कम होगा।
  2. पढ़ाई का सामान, लिखने का सामान, हॉल टिकट आदि परीक्षा से एक दिन पहले ही तैयार रखें, ताकि परीक्षा वाले दिन जल्दबाजी में ढूंढना न पड़े।
  3. खुद की तुलना दूसरों से न करें। हर किसी की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं।
  4. आपके हाथ में यह है कि आप अपना समय कैसे बिताते हैं और कैसे पढ़ाई करते हैं। असफलताओं के बारे में सोचने से कुछ हासिल नहीं होगा और अगर सफल न भी हों तो परेशान न हों। उनसे सीख सकते हैं और कोशिश करना ज्यादा जरूरी है।
  5. इंटरनेट, सोशल मीडिया और बाकी ध्यान भटकाने वाली चीजों से जितना हो सके दूरी रखें। आराम के लिए दोस्तों से बात करें, फिल्म देखें, टहलने जाएं या म्यूजिक सुनें। इससे आप फोकस्ड और एनर्जेटिक रहेंगे। जैसे ज़िंदगी की बाकी चुनौतियां हमें बेहतर इंसान बनाती हैं, वैसे ही परीक्षाओं का भी बहादुरी से सामना करें ताकि आप आगे बढ़ सकें।

अगर आपको बहुत ज्यादा घबराहट, ध्यान लगाने में परेशानी या पैनिक अटैक होते हैं, तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन करें। अगर इससे भी राहत न मिले तो परीक्षा से जुड़े तनाव, घबराहट, पैनिक अटैक, डिप्रेशन या असफलता के डर के लिए किसी अच्छे साइकियाट्रिस्ट से सलाह जरूर लें।