मलेरिया के मामलों में कमी लेकिन सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत एक मात्र गैर-अफ्रीकी देश

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2000 से भारत ने मलेरिया के मामलों में आधे से भी ज्यादा कमी लाने में सफलता पायी है. भारत में मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों को दो-तिहाई से भी ज्यादा कम किया जा चुका है. भारत में 2016 से मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है. भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में 2030 तक मलेरिया को खत्म करने के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है. 

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : December 6, 2019 5:50 PM IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वर्ल्ड मलेरिया रिपोर्ट 2019 के अनुसार भारत में मलेरिया के मामलों में 28 प्रतिशत की कमी आई है. यह रिपोर्ट मलेरिया के मामलों पर 2017 से 2018 के आंकड़ों पर आधारित है. पूर्व में भारत विश्व के 4 देशों में शामिल था जो विश्व के शीर्ष चार देश थे जहां मलेरिया का प्रभाव सबसे अधिक था.

इस वर्ल्ड मलेरिया रिपोर्ट के अनुसार भारत अब भी दुनिया के उन 11 देशों में शामिल हैं जहां मलेरिया का सबसे अधिक प्रभाव है. मलेरिया प्रभावित 11 प्रमुख देशों में भारत एक मात्र गैर-अफ्रीकी देश है.

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वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2000 से भारत ने मलेरिया के मामलों में आधे से भी ज्यादा कमी लाने में सफलता पायी है. भारत में मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों को दो-तिहाई से भी ज्यादा कम किया जा चुका है. भारत में 2016 से मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है. भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में 2030 तक मलेरिया को खत्म करने के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है.

देश में मलेरिया को लेकर काम करने वाले लोगों का मानना है कि भारत का प्रयास काफी सफल रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मलेरिया के मामलों में कमी तो आई है लेकिन अभी लंबी लड़ाई है. हम सबको और आगे जाना है और मच्छरों से होने वाली बीमारियों को खत्म करना है.

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