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प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को 'विश्व मलेरिया दिवस 2020' (World Malaria Day 2020) मनाया जाता है। 'वर्ल्ड मलेरिया डे' मनाने की शुरुआत पहली बार 25 अप्रैल 2008 को हुई। यूनिसेफ द्वारा इस दिन को मनाने का उद्देश्य मलेरिया जैसे रोग पर जनता का ध्यान केंद्रित करना था, जिससे हर साल लाखों लोग की मौत हो जाती है। हालांकि, वर्ष 2000 से लेकर 2014 के बीच, दुनिया भर में मलेरिया से संबंधित मौतों की संख्या में 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। डब्ल्यूएचओ की विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2019 के अनुसार, 2018 में लगभग एक अरब लोग मलेरिया से मारे गए थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम चलाने से बहुत सी जानें बचाई जा सकती हैं।
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हर बार मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक थीम चुना जाता है। पिछले वर्ष और इस बार का थीम (World Malaria Day 2020 theme) एक ही है ‘जीरो मलेरिया स्टार्ट्स विद मी’ (Zero malaria starts with me)। 'विश्व मलेरिया दिवस 2020' (World Malaria Day 2020 in hindi) के अवसर पर डब्लूएचओ (WHO) ने मलेरिया को समाप्त करने और 'जीरो मलेरिया स्टार्ट विद मी’ को बढ़ावा देने के लिए आरबीएम के साथ साझेदारी की है। यह एक ऐसा अभियान है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक एजेंडों में मलेरिया को सबसे ऊपर रखना है।
मलेरिया मादा मच्छर एनोफिलीज के काटने से होता है। इस मच्छर में प्लैज्मोडियम नामक जीवाणु पाया जाता है। इंसान के शरीर में ये परजीवी लीवर में जाकर अपनी संख्या बढ़ाते हैं और फिर लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं। इसके काटने पर व्यक्ति मलेरिया से पीड़ित हो जाता है। सबसे ज्यादा फैल्सीपैरम मलेरिया का जोखिम होता है, जो इंसानों के लिए सबसे खतरनाक किस्म का मलेरिया है।
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जब एनोफिलीज मच्छर काटती है, तो लक्षण 10 से 15 दिनों के अंदर नजर आते हैं। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी आदि शामिल हैं। यदि मलेरिया का इलाज तुरंत न कराया गया, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि इस रोग में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त आपूर्ति नहीं हो पाती। बुखार को कम करने के लिए पैरासिटामोल (क्रोसिन) का सेवन कर सकते हैं, लेकिन दो दिन से ज्यादा तेज बुखार रहे, तो डॉक्टर से तुरंत मिलें। खुद से दूसरी कोई दवा ना लें।
– प्लैज्मोडियम फैल्सीपैरम
– प्लैज्मोडियम विवैक्स
– प्लैज्मोडियम मलेरिया
– प्लैज्मोडियम ओवेल
– प्लैज्मोडियम नोलेसी
– मलेरिया होने पर पीड़ित व्यक्ति को सेब खिलाएं।
– इसमें अमरूद खाना भी हेल्दी होता है।
– तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी में उबालें। इसे छानकर पीने के लिए दें।
– पीपल के चूर्ण को शहद में मिलाकर खिलाएं। बुखार कम होगा।
– मलेरिया होने पर पीड़ित को सादा खाना जैसे खिचड़ी, दलिया, साबूदाना खाने के लिए दें। ये पचने में आसान और पौष्टिक भी होते हैं।
– नींबू आधा टुकड़ा लेकर उसके ऊपर काली मिर्च पाउडर और काला नमक डालकर चूसने के लिए दें। मुंह का स्वाद ठीक होगा।