वर्ल्ड मलेरिया डे 2019 : ये 5 तरह के परजीवी बनते हैं मलेरिया बुखार का कारण, जानें इनके लक्षण

प्लैमोडियम विवैक्स से होने वाले मलेरिया बुखार से काफी लोग पीड़ित होते हैं। विवैक्स परजीवी ज्यादातर दिन के समय आता है। यह बिनाइन टर्शियन मलेरिया उत्पन्न करता है, जो प्रत्येक तीसरे दिन अर्थात 48 घंटों के बाद अपना असर दिखाता है। इसमें कमर, सिर, हाथ, पैरों में दर्द, भूख ना लगना, कंपकंपी के साथ तेज बुखार आना आदि लक्षण देखे जाते हैं।

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Written By: Anshumala | Published : April 24, 2019 1:56 PM IST

25 अप्रैल को ''वर्ल्ड मलेरिया डे'' यानी विश्व मलेरिया दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मलेरिया मादा मच्छर एनोफिलीज के काटने से होता है। एनोफिलीज मच्छर में प्लैज्मोडियम नामक जीवाणु पाया जाता है। जब किसी व्यक्ति को यह मच्छर काटती है, तो वह व्यक्ति मलेरिया से पीड़ित हो जाता है। इसमें तेज बुखार आ जाता है। मलेरिया एक संक्रामक रोग है। एनोफिलीज मच्छर में जो जीवाणु पाए जाते हैं, उन जीवाणुओं की 5 किस्म की प्रजातियां होती हैं। प्लैज्मोडियम जीवाणु लीवर और रक्त कोशिकाओं को संक्रमित कर देता है, जिससे व्यक्ति बीमार हो जाता है। मलेरिया के मुख्य लक्षण बुखार, पसीना आना, ठंड के साथ जोर की कंपकंपी होना, शरीर दर्द, उल्टी आदि है। यदि मलेरिया का इलाज समय रहते ना करवाया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

मलेरिया के प्रकार

प्लैज्मोडियम फैल्सीपैरम 

प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम  (Plasmodium falciparum) से जो लोग पीड़ित होते हैं, उन्हें पता ही नहीं चलता कि वो क्या बोल रहे हैं। इसमें बहुत तेज ठंड लगती है। सिर दर्द, उल्टी होती है। इस बुखार को नजरअंदाज करने से व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

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प्लैज्मोडियम विवैक्स

प्लैमोडियम विवैक्स (Plasmodium vivax) से होने वाले मलेरिया बुखार से काफी लोग पीड़ित होते हैं। विवैक्स परजीवी ज्यादातर दिन के समय आता है। यह बिनाइन टर्शियन मलेरिया उत्पन्न करता है, जो प्रत्येक तीसरे दिन अर्थात 48 घंटों के बाद अपना असर दिखाता है। इसमें कमर, सिर, हाथ, पैरों में दर्द, भूख ना लगना, कंपकंपी के साथ तेज बुखार आना आदि लक्षण देखे जाते हैं।

प्लैज्मोडियम ओवेल 

प्लैज्मोडियम ओवेल (Plasmodium ovale) भी बिनाइन टर्शियन मलेरिया उत्पन्न करता है। इसका पता डॉक्टरी जांच के बाद ही होता है।

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प्लैज्मोडियम मलेरिया 

प्लैज्मोडियम मलेरिया (Plasmodium malariae) एक प्रकार का प्रोटोजोआ है, जो बेनाइन मलेरिया के लिए जिम्मेदार होता है। यह मलेरिया उतना खतरनाक नहीं होता है, जितना प्लैज्मोडियम फैल्सीपैरम और प्लैज्मोडियम विवैक्स होते हैं। इसमें हर चौथे दिन बुखार आता है। इसके होने पर पीड़ित व्यक्ति के यूरिन से प्रोटीन निकलने लगते हैं। इससे उसके शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाती है। धीरे-धीरे शरीर में सूजन आ जाती है।

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प्लैज्मोडियम नोलेसी 

प्लास्मोडियम नोलेसी ( Plasmodium knowlesi) मुख्य रूप से दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाने वाला एक प्राइमेट मलेरिया परजीवी है। इस मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को बुखार के साथ तेज ठंड लगती है। धीरे-धीरे सिर दर्द, भूख में कमी आदि समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

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