मलेरिया की वजह से हो सकता है हृदय रोग, जानें कारण और बचाव

मलेरिया की बीमारी (Malaria) दुनियाभर में हर साल 21 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है. मच्छरों के कारण होने वाला मलेरिया का संक्रमण हृदय रोग, हार्ट फेलियर (Malaria and Heart Failure) का कारण बन सकता है. हाल ही में डेनमार्क के हार्लेव जेनटोफट यूनिवर्सिटी के पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च फेलो फिलिप ब्रेनिन ने एक शोध के हवाले से यह बात कही है. उनका मानना है कि बढ़ते मलेरिया ने दिल की बीमारियों की संभावना को बढ़ा दिया है. अध्ययन के अनुसार मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेलियर की संभावना 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : September 23, 2019 5:23 PM IST

मलेरिया की बीमारी (Malaria) दुनियाभर में हर साल 21 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है. मच्छरों के कारण होने वाला मलेरिया का संक्रमण हृदय रोग, हार्ट फेलियर (Malaria and Heart Failure) का कारण बन सकता है. हाल ही में डेनमार्क के हार्लेव जेनटोफट यूनिवर्सिटी के पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च फेलो फिलिप ब्रेनिन ने एक शोध के हवाले से यह बात कही है. उनका मानना है कि बढ़ते मलेरिया ने दिल की बीमारियों की संभावना को बढ़ा दिया है. अध्ययन के अनुसार मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेलियर की संभावना 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.

हार्ट फेलियर और मलेरिया पर शोध के परिणाम 

हार्ट फेलियर और मलेरिया के संबंध पर आधारित शोध जनवरी 1994 से जनवरी 1917 के मध्य किया गया था. इस अध्ययन में शामिल लोगों की औसत उम्र 34 साल थी. अध्ययन में शामिल लोगों में 58 प्रतिशत पुरुष और बाकि महिलाएं थीं.

11 साल चले इस अध्ययन में 4 हजार मलेरिया संक्रमण के मामले पहचान में आए. गंभीर मलेरिया 40 प्रतिशत लोगों में हुआ जो कि प्लाजमोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium falciparum) के कारण होता है.

अध्ययन में शामिल लोगों में हार्ट फेल के मामले 69 पाए गये. जो कि सामान्य औसत से बहुत ज्यादा है. हार्ट फेलियर के अलाव अन्य हृदय रोग की बीमारियों से 68 लोगों की मोत हुयी.

अध्ययन में जब कुल औसत को निकाला गया तो पाया गया कि मलेरिया की वजह से दिल की बीमारियों की संभावना लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. इसकी मुख्य वजह यह मानी गयी कि मलेरिया की वजह से मायोकार्डियम टिश्यू में परिवर्तन होता जो हार्ट फेलियर की वजह बनता है.

मलेरिया की वजह से हार्ट पर पड़ने वाला असर 

कुछ मामलों में यह हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में ब्लड प्रेशर की प्रणाली को प्रभावित कर सकता है. हाई ब्लड प्रेशर के मरीज को मलेरिया की वजह से भी हार्ट अटैक आ सकता है.

मलेरिया संक्रमण से हार्ट को फुलाने वाली वाहिकाओं या वैसकुलर पर प्रभाव पड़ता है. वैसकुलर प्रभावित होने के कारण फाइब्रोसिस की संभावना बढ़ जाती है, जो बाद में हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक का कारण बनता है.

कार्डियोलॉजी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, और मोटापा, हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक के मुख्य कारण हैं. अगर इनमें से कोई भी बीमारी है और मलेरिया संक्रमण बार-बार होता है तो हार्ट फेलियर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

मलेरिया के लक्षण और बचाव 

इन खतरों को देखते हुए मलेरिया के लक्षणों के बारे में जानकारी जरूरी है. मलेरिया में सामान्यतया ठंड के साथ बुखार आती है. कुछ लोगों में मलेरिया की वजह से बेहोशी की स्थिति भी बनती है. सांस लेने में परेशानी, एनीमिया और पीलिया जैसे लक्षण भी मलेरिया में देखे जाते हैं.

किसी को भी मलेरिया से बचने के लिए मच्छरों से बचना चाहिए. घर में या बाहर अधिक मच्छर हैं तो फुल कपड़े पहने चाहिए. बुखार होने पर तुरंत जांच और इलाज कराना चाहिए.

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